मुरादनगर। जलालाबाद गांव में कपड़ा व्यापारी अजय कुमार के बेटे राहुल ने कर्ज चुकाने के लिए रविवार दोपहर अपने अपहरण की झूठी कहानी बना डाली। उसने आवाज बदलकर फोन करके पिता से 10 लाख की फिरौती भी मांग ली। पिता ने इस कहानी पर यकीन करके पुलिस को खबर दे दी। एक बार तो पुलिस ने भी भरोसा कर लिया लेकिन थोड़ी ही देर में सच्चाई सामने आ गई। जैसे ही राहुल का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लिया गया, वैसे ही पता चल गया कि वह आसपास ही है। पुलिस उसी जगह पहुंच गई और उसे हिरासत में ले लिया।
एसीपी नरेश कुमार ने बताया कि दोपहर 1:51 बजे व्यापारी अजय कुमार से सूचना मिली कि बदमाशों ने राहुल का अपहरण कर लिया है और 10 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। एक बदमाश ने राहुल के मोबाइल से ही फोन किया है। इस पर पांच टीमें गठित की गईं। जलालाबाद के आसपास वाहनों की चेकिंग कराई गई। साथ ही उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लेकर लोकेशन का पता लगाया गया। थोड़ी देर में ही पता चला कि वह पांच से सात किलोमीटर के दायरे में है।
उसकी लोकेशन लगातार बदल रही थी। इससे साफ हो गया कि वह कहीं दूर नहीं जा रहा है बल्कि आसपास ही घूम रहा है। पुलिस की एक टीम सही लोकेशन का पता लगाकर उस तक पहुंच गई। वह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दुहाई कट के पास पिता की होंडा सिटी कार में बैठा मिला। उसे हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता को नहीं हो रहा यकीन : अजय कुमार ने बताया कि राहुल करीब बारह बजे होंडा सिटी कार को ठीक करवाने के लिए गांव से बस स्टैंड के निकट गया था। दोपहर करीब 1:51 पर उसके अपहरण का फोन आया। यह सुनते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े। उनकी पत्नी सुनीता देवी व राहुल की पत्नी शीतल का रोकर बुरा हाल हो गया। उसकी बरामदगी के बाद भी पुलिस की बातें पर उन्हें यकीन नहीं हुआ। उनका कहना है कि बेटे को किसी ने कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया है, जिसके कारण वह इधर उधर की बात कर रहा है।
आठ लाख का कर्ज है चुका नहीं पा रहा था
(टीवी सीरियल देखकर रची साजिश)
राहुल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उस पर आठ लाख रुपये का कर्ज है। यह रकम उसने दोस्तों से उधार ली थी। इसे चुका नहीं पा रहा था। पिता को इसके बारे में बताया तो उसने रकम देने से साफ इन्कार कर दिया। दोस्त लगातार दबाव बना रहे थे। पिता से दस लाख रुपये लेने के लिए अपहरण की झूठी कहानी बनाई। सोचा था कि अगर दस लाख मिल जाएंगे तो दोस्तों का कर्ज उतर जाएगा। दो लाख रुपये और किसी काम आएंगे। उसे उम्मीद नहीं थी कि पिता फिरौती की काॅल सुनते ही पुलिस को बता देंगे। यह भी नहीं सोचा था कि पुलिस इतनी जल्दी रहस्य से पर्दा उठा देगी। उसने यह साजिश अपराध पर आधारित टीवी सीरियल देखकर रची थी।
तुमने पुलिस को सूचना दी तो बेटे को गोली मार देंगे
राहुल ने पुलिस को बताया कि उसने पिता को आवाज बदलकर फोन किया। उनसे कहा, तुम्हारा बेटा राहुल हमारे कब्जे में है, उसका अपहरण किया है, अगर उसकी जान की सलामती चाहते है तो दस लाख रुपये का इंतजाम कर लो, बताई गई जगह पर रकम पहुंचानी होगी, अगर तुमने पुलिस को सूचना दी तो तुम्हारे बेटे को गोली मार देंगे। इतना कहने के बाद फोन काट दिया था। थोड़ी देर बाद फिर से फोन करके फिरौती मंगाने की जगह बताने के लिए सोच रखा था लेकिन इससे पहले ही पुलिस पहुंच गई।
ऐसे खुला राज
दोपहर 12:00 बजे राहुल घर से निकला
01:51 बजे कॉल कर पिता से मांगी फिरौती
1.55 पिता ने पुलिस को अपहरण की सूचना दी
शाम 05:53 बजे अपहरण की रिपोर्ट दर्ज
06:30 बजे राहुल को बरामद किया गया