परिजन घायल कारोबारी को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके माथे और चेहरे पर चोट के साथ-साथ हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों में फ्रेक्चर भी हुआ है। हालांक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बाकी स्थिति साफ होगी। एसीपी ने बताया कि पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि अजय गुप्ता का करीब 15 साल से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। न ही किसी तरह के विवाद की बात सामने आई है। एसीपी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रहे थे कारोबारी
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि जब पुलिस ने उनके परिजनों से पूछताछ की तब पता चला कि कारोबारी डिप्रेशन का शिकार थे। लंबे समय से उनका इलाज तो चल ही रहा था साथ ही जून 2024 में उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती किया गया था। इसके बाद से उनका इलाज भी चल रहा था।
प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कारोबारी के डिप्रेशन में होने और इलाज चलने की बात भी सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। -स्वतंत्र कुमार सिंह, एसीपी इंदिरापुरम