गाजियाबाद। लंदन से विद्युत उपकरण आयात करने वाली कंपनी के कारोबारी से ठगों ने 1.50 करोड़ की ठगी कर ली। ठगों ने लंदन की निर्यातक कंपनी की मिलते जुलते नाम की मेल भेजकर पहले खाता अपडेट करने की बात कही। उसपर भरोसा करके कारोबारी ने रकम ट्रांसफर कर दी। जब एक सप्ताह तक कोई रेस्पांस नहीं आया तो उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। मामले में उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।
वैशाली सुपरटेक निवासी रामानाथन श्रीनिवासन ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह लंदन की जिस कंपनी के माध्यम से उपकरण आयात करते थे, उससे मिलती जुलती मेल उनको प्राप्त हुई। इसमें अंग्रेजी में एक अक्षर का ही अंतर था और उच्चारण बिलकुल समान था। मेल में बताया गया कि कंपनी का खाता अब बदल गया है। मेल पर खाते की पूरी जानकारी लिखी हुई थी। उन्होंने उसको सच मानकर खाता अपडेट किया और उसमें 1.50 करोड़ रुपये भेज दिए। एक सप्ताह तक काेई रेस्पांस नहीं आया तो उन्होंने कंपनी को फिर से मेल भेजा फिर उन्होंने बारीकी से जांच की तो पता चला कि कंपनी ने उनको कोई मेल नहीं भेजी। न ही उनका खाता नंबर बदला है। इसके बाद उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। एडीसीपी सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। मेल व अन्य जानकारी मंगवाई गई है।
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फेसबुक पर विज्ञापन देखा, हो गई 24.95 लाख की ठगी :
फेसबुक पर निवेश करके मोटी कमाई होने का विज्ञापन देखना शास्त्रीनगर के गौरव शर्मा को महंगा पड़ गया। ठगों ने उनसे अपने खाताें में 24.95 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। गौरव शर्मा ने खुद के अलावा अपने रिश्तेदारों से भी कर्ज लेकर ठगों के खाते में रकम भेज दी। परेशान होकर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।
गौरव शर्मा ने बताया कि उन्होंने मार्च में अपनी फेसबुक पर निवेश का एक विज्ञापन देखा था। उसके जरिये उनको एक मेल और मोबाइल नंबर मिले। आरोपियों ने उनको कई व्हाट्सएप ग्रुप में भी जोड़ दिया। संपर्क करने पर ठगों ने उनको बताया कि वह गोल्ड व अन्य कंपनियों में निवेश कराने का काम करते हैं। इसमें 50 गुना तक मुनाफा होता है। लालच में आकर उन्होंने दिए गए खातों में 20 बार में 24.95 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम जुटाने के लिए उन्होंने पर्सनल लोन लिया और अपने रिश्तेदारों से भी रुपये लेकर ठगों के खाते में भेज दिए। आरोपी उनसे और रकम भेजने को कह रहे थे। जब उन्होंने रुपये लौटाने को कहा कि उन्होंने संपर्क तोड़ दिया।