आरोपियों की कार पर एक किसान संगठन के जिला महामंत्री के पदनाम का स्टीकर लगा था। उद्यमी ने आरोपियों की कार के नंबर के आधार पर घंटाघर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। विकास चतुर्वेदी ट्रॉनिका सिटी की सिग्नेचर रेजिडेंसी में रहते हैं और ट्रॉनिका सिटी में ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट चलाते हैं।
विकास का कहना है कि 29 जनवरी को वह अपने ड्राइवर के साथ ऑडी कार से आ रहे थे। लालकुआं पुल के नीचे एक सफेद रंग की ऑल्टो कार चालक ने उनकी कार में टक्कर मार दी। उन्होंने और ड्राइवर ने कार से उतरकर ऑल्टो कार सवार युवकों को टोका तो गलती मानने की बजाय वह गाली-गलौज करने लगे।
कार में चार युवक थे और शराब पी रहे थे। इनमें से एक ने खाकी रंग की टोपी पहन रखी थी। वह कार में बैठ गए तो आरोपियों ने कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। उनके ड्राइवर ने कार आगे बढ़ाई तो आरोपियों ने अपनी कार से उन्हें ओवरटेक किया और आगे पुलिस बूथ पर कार रोक ली। उन्होंने मोबाइल से हमलावरों की कार का फोटो खींचा तो आरोपियों ने फिर उनकी कार का पीछा शुरू कर दिया।
विकास का कहना है कि आरोपियों ने चार किलोमीटर तक उनकी कार का पीछा किया और रेलवे स्टेशन कट के आसपास वह पहुंचे तो पीछे कार नहीं दिखी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी, लेकिन दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कमिश्नर से शिकायत पर दर्ज हुई रिपोर्ट
विकास चतुर्वेदी का कहना है कि दो दिन तक कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र को फोन कर आपबीती बताई और शिकायत की। इसके बाद दो फरवरी को उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई। एसीपी अंशु जैन का कहना है कि शिकायतकर्ता की ओर से बताए गए कार के नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार को ट्रेस कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।