पहले स्कूलों को शिक्षा का मंदिर माना जाता था, लेकिन कुछ समय से शिक्षा के मंदिर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तब्दील हो गए हैं। यह बात उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने शनिवार को डीएलएफ कालोनी स्थित नवजीवन मॉडल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही है, लेकिन व्यवसायीकरण के चलते सभी तक शिक्षा नहीं पहुंच पा रही है, जो चिंता का विषय है। शिक्षण संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
स्कूल मे छात्रों ने तिलक लगाकर राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने स्कूल के संस्थापक आरसी दीक्षित की मूर्ति का अनावरण किया और दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है, लेकिन जागरूकता के अभाव में मौलिक अधिकारियों की जानकारी ही नहीं है।
विश्वविद्यालयों में अंग्रेजों का दौर चला आ रहा था, जिसे बीते दो वर्ष के दौरान काफी हद तक कम किया है। छात्र शिक्षा पूरी करने के बाद डिग्री प्राप्त करने के लिए कई वर्षों तक भटकते रहते थे, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। अब छात्रों को पास होने के साथ ही डिग्री दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
नगर पालिका चेयरमैन ने मूर्ति देकर किया सम्मानित
नगर पालिका चेयरमैन मनोज धामा ने राज्यपाल को शाल ओढ़ाकर और राधाकृष्ण की मूर्ति देकर सम्मानित किया। साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष ने पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर स्टेट हाईवे-57 पर रुके कामों को शुरू कराने, डिग्री कॉलेज और अस्पताल बनवाने की मांग की।
- छावनी बनी रही डीएलएफ कालोनी
सुबह आठ बजे से डीएलएफ कालोनी छावनी में तब्दील हो गई। डीएलएफ अंकुर विहार कालोनी में मुख्य मार्ग की मार्केट भी बंद रही। लोग फ्लैटों की बालकनी पर राज्यपाल को देखने के लिए डटे रहे।