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Ghaziabad News: कोहरे में 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होगी बसों की रफ्तार

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साहिबाबाद। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदेश के अधिकांश मार्गों पर कोहरे की समस्या गहराने लगी है। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए परिवहन निगम ने निगम बसों के सुरक्षित संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। जारी आदेश के अनुसार, कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होगी। अत्यधिक कोहरा होने पर बस को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर दृश्यता सामान्य होने के बाद ही आगे संचालन करने के निर्देश चालक और परिचालक को दिए गए हैं। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार एनाउंसमेंट कर यात्रियों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे कोहरे के दौरान बस की गति बढ़ाने के लिए चालक या परिचालक पर दबाव न डालें।
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ड्यूटी से पूर्व कम से कम आठ घंटे का विश्राम
घने कोहरे वाले मार्गों पर आवश्यकता अनुसार रात्रि सेवाओं में कटौती की जाएगी। बस स्टेशनों को यह अधिकार दिया गया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बसों के संचालन या रोक का निर्णय लें। रात्रि सेवाओं में केवल अनुभवी और दुर्घटना-मुक्त रिकॉर्ड वाले चालकों को ही तैनात किया जाएगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि चालक को ड्यूटी से पूर्व कम से कम आठ घंटे का विश्राम मिला हो।

कम यात्री भार (50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर) वाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। लंबी दूरी और रात्रिकालीन बसों की कार्यशालाओं में निर्धारित 13 बिंदु व समय-समय पर 31 बिंदु तकनीकी जांच अनिवार्य की गई है।
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ऑल वेदर बल्ब, फॉग लाइट लगा कर ही मार्ग पर भेजें बस
निगम और अनुबंधित बसों में आगे-पीछे ‘इनवर्टेड यू’ आकार में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, ऑल वेदर बल्ब, फॉग लाइट, वाइपर और शीशों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही बसों को मार्ग पर भेजा जाएगा। मार्ग पर तैनात इंटरसेप्टर और प्रवर्तन वाहनों द्वारा ब्रेथ एनालाइजर से चालकों का अल्कोहल टेस्ट भी अनिवार्य किया गया है। चालकों को एक्सप्रेस-वे, डिवाइडर युक्त हाईवे और बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 500 मीटर तक स्पष्ट दृश्यता न होने की स्थिति में ओवरटेकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

इसके साथ ही, सभी डिपो पर चालक और परिचालकों के लिए प्रतिदिन काउंसिलिंग सेशन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को काउंसिलिंग सेशन की पंजिका तैयार कराने और उसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया है। परिवहन निगम का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से शीतकाल में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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