नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस ने बृहस्पतिवार को संयुक्त अभियान चलाकर जीटी रोड और विजय नगर से अतिक्रमण हटाया। निगम के प्रवर्तन दस्ते ने जीटी रोड स्थित कोतवाली से ठाकुरद्वारा स्कूल तक और विजय नगर में स्टेशन रोड पर दुकानों के बाहर और नालों के ऊपर किया गया अतिक्रमण हटाया।
इस दौरान दुकानदारों और निगम अधिकारियों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई नहीं रुकी। निगम ने अतिक्रमण करने वालों से करीब 2.25 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला।
सुबह 11 बजे से नगर निगम, प्रशासन और पुलिस ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। घंटाघर कोतवाली से प्रवर्तन दस्ता घंटाघर की ओर चला तो दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। बजरिया मोड़ पर एक रेस्तरां के बाहर अतिक्रमण किए जाने पर निगम ने दुकानदार से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला और अतिक्रमण भी ध्वस्त किया।
घंटाघर के सामने दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया और अफसरों से नोंकझोंक की, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के चलते उनकी एक न चली। निगम ने नालों से अतिक्रमण हटा दिया।
उप नगरायुक्त एके गुप्त ने बताया कि बृहस्पतिवार को जीटी रोड पर 27 सीमेंटेड स्लैब को हटवाकर नाले को कब्जामुक्त कराया गया। इस दौरान 56 स्थानों से अस्थायी अतिक्रमण हटाए, 16 कियोस्क, 6 होर्डिंग्स और 18 बोर्ड तोड़े गए।
इस दौरान सीओ सिटी इंद्रपाल सिंह, एसडीएम गजेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी परशुराम, सिटी जोन के कर अधीक्षक सुधीर शर्मा, गजेंद्र कुमार मौजूद रहे। उधर, विजय नगर में नगर निगम के जोनल अधिकारी एसके गौतम ने पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया।
इस दौरान दुकानों और घरों के बाहर बड़े-बड़े रैंप बनाकर पाट दिए गए नालों को भी कब्जामुक्त कराया। दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर इस मुख्य मार्ग को खाली कराया गया। यहां भी दुकानदारों और निगम की टीम के बीच जमकर कहासुनी हुई। लोगों ने रैंप तोड़े जाने का विरोध किया, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी।