राहुल का कहना था कि जानवी की मौत का कारण कोई स्पष्ट नहीं बता रहा था। ऐसे में उसको और परिवार के लोगों को मधु पर शक हुआ। जानवी को दफनाने के बाद सभी लोग घर आ गए। रात में राहुल ने मधु को विश्वास दिलाया कि उसको कोई कुछ नहीं कहेगा, यदि वह सच बताएगी।
इस बात पर मधु ने बताया कि शाम को जानवी शरारत कर रही थी। उसने मना किया तो वह झगड़ा करने लगी। इसी दौरान मारपीट में जानवी ने मधु को पकड़ लिया। मधु ने दूर हटाने के लिए पैर झटका तो उसका दुपट्टा जानवी के गले में इलझ गया। इससे दम घुटन से उसकी मौत हो गई। घर से निकाले जाने के डर से उसने सच नहीं बताया।
पुलिस की कार्रवाई से बचने को किया आत्महत्या का नाटक
राहुल ने बताया कि बहन की मौत का कारण उसकी ही पत्नी थी। यह जानकारी 27 जनवरी को उसने अपनी मां राजकुमारी को दी। इसके बाद घर में सभी लोग उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की मांग करने लगे। ऐसे में मधु अंदर कमरे में चली गई और पंखे पर फंदा लटकाकर आत्महत्या का प्रयास करने लगी। काफी मशक्कत के बाद कमरा खुलवाकर उसको बाहर निकलवाया। इसके डर से परिवार के लोगों ने मधु को छतारी थाना क्षेत्र में स्थित नारायणपुर गांव में उसके मायके भेज दिया।
परिजनों का आरोप है कि 27 जनवरी को राहुल और परिवार के अन्य सभी लोग मधु के खिलाफ शिकायत लेकर करौरा पुलिस चौकी गए। जहां पर तत्कालीन चौकी प्रभारी (वर्तमान सलेमपुर थाना प्रभारी) ने परिजनों को कार्रवाई के बिना ही वहां से भगा दिया। कहा कि मरी हुई बच्ची की मिट्टी क्यों खराब करना चाहते हो। घर जाकर अपना फैसला कर लो।
हाथरस जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर दर्ज हुआ मुकदमा
राहुल के बहनोई प्रदीप ने बताया कि पुलिस कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं थी। उसकी बड़ी बहन वृंदावन में साध्वी है। उन्होंने हाथरस के एक जनप्रतिनिधि से संपर्क किया और कार्रवाई में सिफारिश की मांग की। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की।
परिवार ने घटना के दौरान पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। बाद में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर महिला के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और आत्महत्या के प्रयास में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।- वरुण कुमार, सीओ शिकारपुर
शव को जमीन से निकलवाने के लिए विवेचक जिलाधिकारी से अनुमति लेंगे । इसके बाद ही शव को जमीन से निकलवाया जाएगा।- अरविंद कुमार, एसडीएम शिकारपुर