बुलंदशहर न्यायालय में फांसी की सजा सुनते ही तीनों दोषियों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। उनकी आंखों में मौत का खौफ तो जरूर नजर आ रहा था, लेकिन अपने किए का पछतावा नजर नहीं आ रहा था। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने मीडिया को देखते ही खुद को निर्दोष बताना शुरू कर दिया। साथ ही सजा के खिलाफ हायर कोर्ट में चुनौती देने की बात कही।
नाबालिग छात्रा के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और फिर हत्या करने के तीनों दोषी जुल्फिकार अब्बासी निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी के पास गुलावठी रोड, दिलशाद अब्बासी निवासी जैनब पैलेस गुलावठी रोड और इसराइल उर्फ मलानी मोहल्ला सोंगियाबाड़ा थाना सिकंदराबाद भी बुधवार को कोर्ट में लाए गए थे। हालांकि, उनके चेहरे पर पहले से ही खुद को मिलने वाली सजा का अहसास नजर आ रहा था। बुधवार दोपहर कोर्ट में फैसला सुनते ही तीनों के चेहरों की हवाइयां उड़ गईं।
कोर्ट से बाहर उन्हें भारी सुरक्षा के बीच लाया गया। जहां बाहर मीडिया को देखते ही आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताना शुरू कर दिया। साथ ही कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने न्यायालय के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात भी कही है। वहीं, इस दौरान एक आरोपी के परिजन भी अपने पुत्र को निर्दोष बताते हुए नजर आए। हालांकि, इसके बाद अभियुक्तों के परिजन तुरंत ही कोर्ट से निकल गए।
इन 14 लोगों की हुई गवाही
1. मृतका की मां/ मुकदमा वादी
2. मृतका के पिता
3. विजय प्रताप सिंह, एजेंसी संचालक (उनका सीसीटीवी)
4. सुशील शर्मा, दादरी में शव फेंकते देखने के चश्मदीद, कोर्ट में भी की शिनाख्त
5. विक्रम सिंह, दादरी टोल प्लाजा (सीसीटीवी)
6. अशोक कुमार सिंघल, अध्यापक
7. मनोज गर्ग, चेयरमैन
8. उपनिरीक्षक अभिलाष त्यागी, पंचनामा भरने वाले
9. डा. केके शर्मा, सीएचसी दादरी पर प्राथमिक परीक्षण किया
10. डा. लालवानी, पोस्टमार्टम किया
11. हेड मोहर्रिर, सूरज कुमार
12. उपनिरीक्षक दलवीर, प्राथमिक जांचकर्ता
13. सीओ धनंजय मिश्रा, तत्कालीन नगर कोतवाल और विवेचक
14. सैमुअल क्रिस्टोफर, (मृतका के स्कूल से)