सीओ और उनकी टीम ने की प्रभावी पैरवी
मामले की पैरवी खुद सीओ डिबाई वंदना शर्मा के निर्देशन में हो रही थी। उनकी टीम भी जुटी हुई थी। इसी का परिणाम है कि जनपद के न्यायालय से पीड़िता को एक बार फिर जल्द न्याय मिला है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने घोषणा की है कि वह सीओ वंदना शर्मा और उनकी टीम को आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित करेंगे।
इस तरह से मिला जल्द न्याय
11 जनवरी की देर शाम को वारदात हुई। 12 जनवरी को रामघाट थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। तीन दिन बाद 15 जनवरी को आरोपियों की गिरफ्तारी की और वारदात से ठीक नौ दिन बाद आरोपियों के खिलाफ 21 जनवरी को चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी गई। मामला 25 जनवरी को ट्रायल पर आया और अब तक कुल 21 तारीखें हुईं। इस दौरान अधिकतर तारीखों पर सीओ डिबाई खुद भी न्यायालय पहुंचीं।
पिछला रिकॉर्ड सात माह में ही टूट गया
जनपद के डिबाई क्षेत्र में 24 जून की रात हुई एक दुष्कर्म की वारदात में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम वीरेंद्र कुमार तृतीय ने 83 दिन के भीतर ट्रायल पूरा कर सजा सुनाई थी। अब रामघाट प्रकरण में हुई 52 दिन की सजा प्रथम स्थान पर आ गई है।
बोलीं अधिवक्ता
नौ दिन में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की। साथ ही न्यायालय में कुल 21 दिन की तारीखों में सजा सुनाया जाना वाकई एतिहासिक है। इससे न्यायपालिका के प्रति लोगों का विश्वास और भी प्रबल होगा। पुलिस को महिला अपराध से जुड़े सभी मामलों में प्रभावी पैरवी करनी चाहिए। जिससे अपराधियों के बीच एक बेहतर संदेश जाए।
-रेखा शर्मा, अधिवक्ता