बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण का ग्राफ जनपद में लगातार बढ़ता जा रहा हैं। जनपद में सोमवार को तीन में जहां कोरोना की पुष्टि हुई। वहीं, एक संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज किया गया। तीन संक्रमितों में दो सिकंदराबाद क्षेत्र के और एक लखावटी ब्लाॅक क्षेत्र के एक गांव का हैं। जनपद में अब संक्रमितों का आंकड़ा 130 हो गया हैं। जिसमें 84 डिस्चार्ज और दो की मौत हो चुकी हैं। शेष 44 का अभी उपचार चल रहा हैं। लाॅकडाउन 4.0 तक जनपद में जहां 127 संक्रमित मिल चुके। वहीं, एक जून से शुरू हुए अनलाक वन के पहले दिन तीन संक्रमितों में कोरोना पाॅजिटिव की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार सिकंदराबाद क्षेत्र में 28 मई को एक ही परिवार के पांच लोगों में कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई थी। जिसके संपर्क में आने पर परिवार को नोएडा छोड़कर आने वाले टैक्सी चालक और पड़ोस में रहने वाली एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, लखावटी ब्लाॅक क्षेत्र के गांव रसीदपुर में एक ट्रक चालक में भी कोरोना संक्रमित मिला हैं। अफसरों का कहना है पाॅजिटिव आया युवक ट्रक चलाता है और लाॅकडाउन के दौरान ट्रक चलाने के बाद गांव में पहुंचा था। जिसका सैंपल जांच को भेजा गया। तीनों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर चिट्टा स्थित एल-1 अस्पताल में भर्ती कर दिया हैं। साथ ही तीनों के संपर्क में आने वालों को क्वारंटीन कर सैंपल जांच को भेजा जा रहा हैं। तक 84 हो चुके डिस्चार्ज जनपद में अब तक जहां 130 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिसमें रविवार तक 83 कोरोना से जंग जीतने में सफल रहे। वहीं, दो की मौत होने पर शेष का अभी तक उपचार चल रहा था। सोमवार को सिकंदराबाद निवासी एक महिला की रिपोर्ट निगेटिव आने पर नोएडा से डिस्चार्ज कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि महिला में 27 मई को कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई थी और महज छह दिन में डिस्चार्ज होने में सफल रही। स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि रिपोर्ट जारी होने की तिथि से मरीज का उपचार शुरू हो जाता हैं। कोट सिकंदराबाद क्षेत्र में दो और लखावटी ब्लाॅक क्षेत्र के गांव रसीदपुर में एक कोरोना संक्रमित मिला हैं। तीन पाॅजिटिव में दो चालक शामिल हैं। साथ ही एक महिला नोएडा से डिस्चार्ज हुई हैं। अब जनपद में कुल संक्रमितों की संख्या 130 हो गई हैं। जिसमें दो की मौत हो चुकी है और 84 अब तक डिस्चार्ज हो गए हैं। शेष 44 का अभी मेरठ, नोएडा और चिट्टा एल-1 अस्पताल में उपचार चल रहा हैं। - डाॅ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी