बुलंदशहर। प्रदेश भर के कई जनपदों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका गोंडा या फिर मैनपुरी जनपद की है। उसका जांच समिति पता ड्रेस नहीं करवा पाई ओर समिति ने जांच के लिए और समय मांग लिया है। अनामिका की काउंसलिंग कराने उस दौरान मैनपुरी से पकड़ा गया एक आरोपी उसके साथ आया था। गोंडा जनपद के दस्तावेज और मैनपुरी का पता अफसरों के पसीने छुड़ा रहा है। बहुचर्चित फर्जी अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका ने कस्बा स्याना के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में वार्डन की नौकरी की थी। मामला खुलने के बाद जिले में जांच चल रही है। फर्जी शिक्षिका अनामिका कौन है? इसे लेकर विभाग अभी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं कर सका है। शिक्षिका के गोंडा जिले की शैक्षिक प्रमाण पत्र और मैनपुरी जनपद का पता जांच टीम को काफी परेशान कर रहा है। विभाग ने विगत दिनों उस पते पर जानकारी ली तो वहां से कोई साक्ष्य नहीं मिल सका। हालांकि इस दौरान एक नया मामला जरूर निकल कर सामने आया है। बताया गया की अनामिका शुक्ला कि जब जिले में आई थी तो मैनपुरी से पकड़ा गया एक मास्टरमाइंड आरोपी पुष्पेंद्र बुलंदशहर आया था। उसी ने शिक्षिका के सभी दस्तावेज बीएसए कार्यालय में जमा कराए थे। जिले में भी साठगांठ करके उसने वार्डन की नौकरी पाई थी। हालांकि अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण से पर्दा उठ सकेगा। वहीं, दूसरी ओर पूरे मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय समिति ने फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए तीन दिन का और समय मांगा है। इसके बाद समिति अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को सौंप देगी। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और उक्त शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। कोट अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका द्वारा फर्जी नौकरी करने के मामले में जांच जारी है। जांच समिति ने जांच के लिए और समय मांगा है। ज्यादातर फर्जीवाड़े के तार मैनपुरी जिले से जुड़ रहे हैं। जल्द ही इस मामले में खुलासा कर संबंध के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - अखंड प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर