बुलंदशहर। मंडी टैक्स के विरोध में शुक्रवार से जनपद की सभी अनाज और गल्ला मंडियां आगामी चार दिन के लिए पूर्णत: बंद रहेंगी। होने वाली इस हड़ताल का ऐलान अखिल भारतीय व्यापारी सुरक्षा फोरम, अनाज मंडी एसोसिएशन और उप्र गल्ला व्यापारी संघ ने संयुक्त रूप से कर दिया है। व्यापारियों और आढ़तियों की चेतावनी है कि मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने में भी पीछे नहीं रहेंगे। अखिल भारतीय व्यापारी सुरक्षा फोरम के प्रांतीय महासचिव अनिल देशभक्त, जिला अध्यक्ष राकेश मित्तल और जिला मंत्री अनुज अग्रवाल सराफ, अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान मुकेश अग्रवाल और उप्र गल्ला व्यापारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद पहलवान और प्रांतीय महामंत्री चंद्रकांत सिंहल ने बताया कि मंडी शुक्ल को लेकर सरकार दोहरी नीति अपना रही है। उनका कहना है कि पहले तो मंडी टैक्स को समाप्त करने की बात कहीं गई। लेकिन अब ढाई रुपये टैक्स में से मात्र ५० पैसे की छूट दी है। इसके साथ ही अब तर्क दिया जा रहा है कि जो व्यापारी मंडी में व्यापार करेगा। वह सारे टैक्स देगा और जो मंडी के बाहर व्यापार करेगा। उसे लाइसेंस की भी आवश्यकता नहीं है। उससे कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार एपीएमसी एक्ट समाप्त करने की घोषणा कर रही है। दूसरी तरह मंडियों में मंडी शुल्क वसूना चाहती है। यह पूरी तरह व्यापारी के साथ धोखा है। इस नियम को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी के विरोध में १९ जून से लेकर २२ जून तक सभी मंडियों को बंद कर हड़ताल करके सरकार के विरुद्ध आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया है। सभी व्यापारियों और आढ़तियों के साथ बैठ कर आगामी चार दिन तक मंडियों को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान भी कर दिया है। सभी ने एकमत होकर निर्णय लिया है कि इन चार दिनों तक कोई भी न तो दुकान-प्रतिष्ठान खोलेगा और न ही व्यापार का आदान-प्रदान करेगा।