आयरन व स्टील के थोक विक्रेता अनुराग अग्रवाल ने बताया कि 20 दिन पहले गर्डर का भाव 5800 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच था, जो अब 6500 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। छह महीने पहले यही गर्डर 5200 से 5500 रुपये में मिल रहा था। लोहे के थोक विक्रेता राकेश कुमार के अनुसार सरिया के दाम भी 20 दिन में 500 रुपये बढ़ गए हैं। बाजार में सरिया अब 5800 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। सीमेंट के दाम भी ब्रांड के हिसाब से 10 से 30 रुपये प्रति बैग तक बढ़े हैं।
बिल्डर विपुल गिरी ने बताया कि 8-9 महीने पहले भवन निर्माण की लागत 2200 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, जिसमें सरिया, डस्ट, बदरपुर और सीमेंट शामिल था। मध्य एशिया में युद्ध के बाद महंगाई बढ़ी और एक महीने पहले यह लागत 3200 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। मौजूदा समय में यही लागत 3400 से 3500 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है। ठेकेदार मंजूर अहमद का कहना है कि 1000 वर्ग फुट का मकान जो 8 महीने पहले 15-17 लाख रुपये में बन जाता था, एक महीने पहले 20 लाख में बन रहा था और अब 25 से 30 लाख रुपये में बन रहा है।
बिल्डिंग मैटेरियल के दामों पर एक नजर
| सामग्री |
मौजूदा समय |
20 दिन पहले |
आठ महीने पहले |
| ईंट |
7500-8000 रुपये प्रति हजार |
7000 रुपये प्रति हजार |
6000-6500 |
| सीमेंट |
330-400 रुपये प्रति बैग |
300-340 रुपये प्रति बैग |
280-320 रुपये प्रति बैग |
| सरिया |
5800-6000 रुपये प्रति क्विंटल |
5300-5500 रुपये प्रति क्विंटल |
4500-5200 रुपये प्रति क्विंटल |
| गर्डर |
6500-6600 रुपये प्रति क्विंटल |
5800-6000 रुपये प्रति क्विंटल |
4600-5300 रुपये प्रति क्विंटल |
| बदरपुर |
70-75 रुपये फुट |
60-65 रुपये प्रति फुट |
45-50 रुपये प्रति फुट |
| रेता |
60 रुपये प्रति फुट |
55 रुपये प्रति फुट |
40-45 रुपये प्रति फुट |
महंगाई की वजह
ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गेनाइजेशन के उपेंद्र गोयल ने बताया कि आयरन के लिए कोकिंग कोल की जरूरत होती है, जिसका आयात ऑस्ट्रेलिया से होता है। वैश्विक संकट से शिपिंग और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ी है। इसके अलावा कोयला स्टॉक की कमी और फर्नेस ऑयल, परिवहन भाड़ा बढ़ने से भी कीमतों में तेजी आई है।