फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: बिल्डर ने फर्जीवाड़ा करके ले लिया आईटीसी क्लेम, 7.27 करोड़ रुपये जमा कराए

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। जीएसटी सिस्टम ऑनलाइन हो जाने और सख्ती के बावजूद टैक्स चोरी रुक नहीं रही है। राज्यकर विभाग के जोन-2 में अब एक ऐसा मामला सामने आया है जब वैशाली के एक बिल्डर ने फर्जीवाड़ा के जरिए आईटीसी क्लेम करके 3.28 करोड़ रुपये रुपये ले लिए और 3.99 करोड़ का टैक्स राज्यकर विभाग में जमा न करके अपने खाते में रकम जमा कर रखी थी। राज्यकर विभाग की टीम ने फर्म के दस्तावेजों का डाटा खंगाला तो टैक्स चोरी का मामला उजागर हो गया। टीम ने बिल्डर से 7.27 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए। इसके बाद अब 25.17 लाख रुपये ब्याज जमा कराया जाएगा।
विज्ञापन

जोन-दो के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बिल्डर फर्म की ओर से दाखिल की गई जीएसटी रिटर्न में दिए गए डाटा का विश्लेषण किया गया था। इस दौरान डाटा में गड़बड़ी और बिना पात्रता के 12 फीसदी आईटीसी क्लेम ले लिए जाने का मामला पकड़ा गया। इसके बाद खंड-16 के उपायुक्त मुकेश कुमार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए। जांच में पाया गया कि सितंबर-2021 से रजिस्टर्ड इस फर्म की ओर से मासिक रिटर्न दाखिल करते हुए 12 प्रतिशत की करदेयता घोषित की गई और घोषित करदेयता का भुगतान आईटीसी के माध्यम से ले लिया गया। वित्त मंत्रालय की ओर से 2019 में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार बिल्डर और कांट्रेक्टरों के लिए करदेयता महज पांच फीसदी थी और यह रकम भी बिल्डर आईटीसी क्लेम के माध्यम से नहीं, बल्कि लेजर के माध्यम से राज्यकर विभाग में नकद जमा करानी थी।
यह रकम बिल्डर की ओर से जमा नहीं की गई, जिसकी वजह से राज्यकर विभाग को राजस्व नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि इस पड़ताल के आधार पर वर्ष 2022-23 के लिए बिल्डर से कुल 3.28 करोड़ रुपये और वर्ष 2023-24 के लिए 3.99 करोड़ रुपये जमा कराए गए। यानी कुल 7.27 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए। इसके साथ ही इस रकम पर जो ब्याज राज्यकर विभाग को मिलना था, वह बिल्डर ने ले लिया। अब बिल्डर से 25.17 लाख रुपये ब्याज के रूप में जमा कराए जाएंगे। अपर आयुक्त ने बताया कि इसके अतिरिक्त अन्य फर्मों का भी डाटा विश्लेषण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


कई फर्माें में टैक्स चोरी पकड़ चुका राज्यकर विभाग
- फरवरी 2023, गाजियाबाद और बुलंदशहर की तीन फर्जी फर्म का खुलासा कर पकड़ी 30.59 करोड़ की जीएसटी चोरी
- एक दिसंबर 2023, विजयनगर की राठी स्टील में नौ करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी।
- चार दिसंबर 2023, राज्यकर विभाग ने इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में पकड़ी जीएसटी चोरी, 40 लाख जमा कराए।
- नवंबर, 2023, ट्रॉनिका सिटी में चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनी में पकड़ी 98 लाख की जीएसटी चोरी।
- एआई के माध्यम से गाजियाबाद के व्यापारियों के दस्तावेजों में पकड़ी गई 12 करोड़ की जीएसटी चोरी।
- नवंबर 2023, रेडिमेड गारमेंट से लदी तीन गाड़ियों में पकड़ी गई 9.28 लाख की जीएसटी चोरी।
- अक्तूबर 2023, एक माह में 249 वाहनों में 4.83 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई।


पंजीकृत फर्माें की ओर से दाखिल की गई जीएसटी रिटर्न का डाटा का परीक्षण कराया जा रहा है। इनमें बड़ी संख्या में गड़बड़ी पकड़ी जा रही हैं। ऐसे कई बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्माें ने गलत तरीके से आईटीसी क्लेम करके रकम वापस ले ली है। यह रकम राज्यकर विभाग को मिलनी थी। ऐसी फर्माें पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। - दिनेश कुमार मिश्रा, अपर आयुक्त ग्रेड-1, जोन-2
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें