जेल से छूटते ही नकल कराने में लगा सरगना
गिरोह का सरगना आशीष कुमार है जो अपने साथी कपिल के साथ मिलकर हरियाणा के रहने वाले जगबीर और अंकित से उत्तरमाला लेकर विपिन को उपलब्ध कराता है। कपिल, जगबीर और अंकित फरार हैं। अंकित पंजाब के एसआई की परीक्षा में नकल कराने के मामले में जेल जा चुका है और ढाई महीने पहले ही जेल से छूटकर आया है। आशीष ने बताया कि वह हरियाणा के जगबीर और अंकित से उत्तरमाला लेते हैं। वह प्रश्नपत्र कहां से लाते हैं इस बात उन्हें जानकारी नहीं है। जगबीर और अंकित प्रश्नपत्र और उत्तरमाला उपलब्ध कराने के तीन लाख रुपये लेते हैं। गिरोह में 15 से ज्यादा सदस्य हैं।
पकड़ा दी फर्जी उत्तरमाला
पूछताछ में सचिन मलिक ने पुलिस को बताया कि छह सितंबर को हुई परीक्षा में जो उत्तरमाला रूपक ने बाथरूम में रखी थी, वह गलत थी। पकड़े जाने के डर से उसने उत्तरमाला अभ्यर्थी को नहीं दी। रूपक इस काम को करने के उसे पचास हजार रुपये देता था। रूपक ने बताया कि आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज में एक अभ्यर्थी को नकल करानी थी। उससे उन्होंने छह लाख रुपये में ठेका लिया था।
हमारा कर्मचारी नहीं
आरडी कॉलेज के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि सचिन मलिक का कॉलेज का कोई संबंध नहीं है। वह टीसीएस से ही संबंधित है।