कौशांबी। मसूरी थानाक्षेत्र स्थित नाहल झाल में शुक्रवार को दोपहर मिला शव वैशाली सेक्टर 5 स्थित कल्पना सोसायटी निवासी गिरधर बिष्ट का है। शनिवार को युवक की मां देवकी देवी और बहन आशा ने शव की पहचान की। मसूरी पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई है। वहीं, परिजन ने शनिवार रात कौशांबी थाने पहुंचकर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
देवकी देवी ने बताया कि 16 मई को सोसायटी के गेट पर पंचर की दुकान चलाने वाले कुछ लोगों से उनके बेटे गिरधर का विवाद हो गया था। दुकान संचालक की शिकायत पर पुलिस ने गिरधर को शांति भंग के आरोप में कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि बेटा मानसिक रूप से बीमार था और चार वर्ष से दिल्ली के अस्पताल में इलाज भी चल रहा था। इसकी जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। 21 मई को वह अपेन बेटे गिरधर से मिलने डासना जेल गई थीं और 27 मई को जब दोबारा मुलाकात करने पहुंचीं रो पता चला कि उसे 21 मई की शाम को ही रिहा कर दिया गया था। आरोप था उनके परिवार से कोई बेटे को लेने नहीं गया और न ही इसकी सूचना उन्हें दी गई। बेटा भी घर नहीं पहुंचा तो तलाश शुरू हुई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पांच जून को उनकी बेटी आशा की तहरीर पर मसूरी पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। 12 जून को नाहल झाल में उनके बेटे का शव मिला।
पुलिस पर मारपीट व जेल प्रशासन पर रुपये लेने का आरोप
देवकी देवी ने पुलिस अधिकारी को दी शिकायत में यह भी बताया था कि 21 मई को जब वह बेटे से मिलने पहुंची थीं तब उसके शरीर पर चोट के निशान थे। आरोप है कि कौशांबी पुलिस ने उससे मारपीट की थी। आरोप था कि जेल में काम न करने के लिए उनसे 3500 रुपये मांगे गए थे। बेटे की तकलीफ देखते हुए बुजुर्ग देवकी देवी 3500 रुपये का भुगतान भी किया। पुलिस पर यह भी आरोप है कि बेटे के लापता होने की बात सामने आने के बाद भी लापरवाही बरतते हुए सुनवाई नहीं की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की डूबने से मौत होने की बात सामने आई है। परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया गया है। गुमशुदगी मसूरी थाने में दर्ज है और इस जांच को संबंधित थाना पुलिस ही करेगी। अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम
-