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Ghaziabad News: हंगामे के बीच 3,510 करोड़ के बजट पर मुहर, 2,954 करोड़ से होगा शहर का विकास

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निगम सभागार में हुई बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह
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गाजियाबाद। नगर निगम बोर्ड की बैठक शुक्रवार को हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच संपन्न हुई। करीब चार घंटे चली बैठक में सर्वसम्मति से 3,510 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई। इसमें 2,954 करोड़ रुपये से शहर के विकास कार्य कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस के साथ नामित और चुने गए पार्षदों के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला।
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बैठक के दौरान भाजपा पार्षद राजीव शर्मा ने कूड़ा उठाने वाली जीरोन कंपनी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद उसे ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया और 27 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने दिल्ली का कूड़ा जिले की सीमा में डाला, फिर भी उसका टेंडर निरस्त नहीं किया गया।
इसके अलावा उन्होंने विज्ञापन फर्म की ओर से निर्धारित क्षेत्र से अधिक जगहों पर प्रचार करने के मामले की जांच में देरी पर भी सवाल उठाए। इस पर महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जांच समिति गठित करने की बात कही।
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नामित और निर्वाचित पार्षदों में तकरार
सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक दोपहर तीन बजे तक चली। करीब एक बजे माइक पर बोलने को लेकर पार्षदों के बीच बहस शुरू हो गई। पार्षद पूनम सिंह ने महिलाओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की बात कही। इस पर नामित पार्षद भगवत गुप्ता नाराज हो गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भगवत गुप्ता ने पूनम सिंह को कहा कि आप चुप रहो। इसके बाद उन्होंने हफ्फ कह दिया। इस पर पूनम सिंह बिफर गईं। उन्होंने भगवत सिंह पर महिला का अपमान करने का आरोप लगाया। अन्य पार्षद भी पूनम सिंह के समर्थन में उतर आए। बाद में महापौर और नगर आयुक्त के हस्तक्षेप पर भगवत गुप्ता ने माफी मांगी, तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके आधे घंटे बाद नामित पार्षद सुमन जाटव ने भी नामित पार्षदों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शासन ने उन्हें जिम्मेदारी दी है, इसलिए उन्हें कमतर आंकना उचित नहीं है।

सदन की गरिमा पर उठे सवाल
पार्षद रेखा गोस्वामी ने सदन में हो रही बहस और अभद्र टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पार्षदों का आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। यहां तक कि पीछे से मां-बहन की गालियां सुनाई दे रही हैं, जो महिलाओं के सम्मान की बात करने वालों के लिए शर्मनाक है। उन्होंने आगे कहा कि पार्षदों का व्यवहार देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये लोग अनपढ़ हैं। बाहर बैठे लोगों तक यह बात जाएगी तो वह समझ जाएंगे कि उन्होेंने किसे चुना है। उनकी टिप्पणी पर सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।

गृहकर पर नहीं हुई चर्चा
बैठक में राजनगर वार्ड के पार्षद प्रवीण चौधरी ने व्यावसायिक कर में राहत की मांग उठाई। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय होना है। ओटीएस योजना के तहत लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा किसी भी पार्षद ने गृहकर बढ़ोतरी का मुद्दा नहीं उठाया। वहीं, शहर के कई नागरिक गृहकर में बढ़ोतरी को लेकर नाराज हैं। इस संबंध में महेंद्रा एन्क्लेव निवासी घनश्याम ने बताया कि उन्होंने कोई नया निर्माण नहीं कराया, फिर भी उनका वार्षिक गृहकर 2400 रुपये से बढ़कर 3300 रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे सदन में मजबूती से उठने चाहिएं।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
-निगम की दुकानों में चौकीदाराना व्यवस्था समाप्त कर किराया प्रणाली लागू होगी।
-सीवर में मलबा डालने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
-खराब स्ट्रीट लाइटें उतारकर ले जाने के मामले में ऊर्जा निगम को पत्र लिखा जाएगा।
-आरडीसी की तीन इमारतों में स्थित दुकानों और कार्यालयों पर कर निर्धारण का प्रस्ताव पारित।
-गोबर संग्रहण के लिए कंपनी को ठेका देने और नालियों में गोबर बहाने पर प्रतिबंध का निर्णय।
-विजयनगर क्षेत्र में नए श्मशान स्थल के लिए भूमि चिह्नांकन कराया जाएगा।
-विजयनगर बालिका इंटर कॉलेज को पाइपलाइन से जलापूर्ति की मंजूरी।
-रात की सफाई व्यवस्था समाप्त करने के प्रस्ताव पर समिति की रिपोर्ट के बाद फैसला होगा।
-कार्यकारिणी सदस्यों को आवंटित 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव वापस लिया गया।
-सड़कों, नालों और तालाबों के विकास व सफाई कार्यों को मंजूरी।
-प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने के लिए वाहन खरीदने और स्टाफ बढ़ाने पर सहमति बनी।

निगम सभागार में हुई बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह

निगम सभागार में हुई बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह

निगम सभागार में हुई बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह

निगम सभागार में हुई बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह

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