नगर निगम में विवादों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब विवाद निगम के चीफ इंजीनियर आरके मित्तल की कार को लेकर है। आरोप है कि एक ब्लैक लिस्टेड फर्म ने चीफ इंजीनियर को यह होंडा सिटी कार तोहफे में दी है। कार उसी फर्म के नाम पर दिल्ली में पंजीकृत भी है। मामला महापौर तक पहुंचा तो उन्होंने चीफ इंजीनियर से जवाब तलब किया है।
दरअसल, नगर निगम का रमते राम रोड कामर्शियल कांप्लेक्स और नेहरू नगर में ऑडिटोरियम के निर्माण का ठेका पीएमएस बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। इस फर्म ने दोनों काम ही अधूरे छोड़ दिए।
नगर आयुक्त ने बीते दिनों इस फर्म को ब्लैक लिस्ट कर जमानत राशि भी जब्त कर ली थी। आरोप है कि एक जेई और चीफ इंजीनियर आरके मित्तल ने इस फर्म को काम करने से पहले ही भुगतान भी करा दिया।
फर्म ने इससे खुश होकर चीफ इंजीनियर को सफेद रंग की होंडा सिटी कार तोहफे में दी है। महापौर अशु वर्मा को इसकी शिकायत मिली तो उन्होंने पहले इसकी तस्दीक कराई। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर कार का नंबर एसएमएस कर जानकारी की गई तो यह कार पीएमएस फर्म के नाम पर दिल्ली के पते पर पंजीकृत मिली।
जबकि फिलहाल यह चीफ इंजीनियर के लोहिया नगर स्थित आवास पर खड़ी है। महापौर अशु वर्मा का कहना है कि उन्होंने चीफ इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर आयुक्त अब्दुल समद ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।