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तीन-चार घंटे की बिजली कटौती से ऑफिस वर्क में पड़ा खलल

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तीन-चार घंटे की बिजली कटौती से ऑफिस वर्क में पड़ा खलल - टीएचए में सबसे अधिक महिलाओं को रसोई के काम में हुई दिक्कत माई सिटी रिपोर्टर  साहिबाबाद। बुधवार सुबह झमाझम बारिश के बीच टीएचए के विभिन्न इलाकों में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती से लोगों को खूब परेशानी हुई। राजेंद्र नगर ब्लॉक नंबर-8 में सुबह आठ बजे से बिजली की आंख-मिचौली का खेल शुरू हो गया। इसके बाद बिजली कटौती शिकायत पर साढ़े 12 बजे शिकायत करने पर भी विभाग में उसे दर्ज नहीं किया गया। इसी तरह शालीमार गार्डन, वृंदावन गार्डन, विजय पार्क, वैशाली, कौशांबी, इंंदिरापुरम और खोड़ा के इलाकों में एक से चार घंटे की कटौती की गई। राजेंद्र नगर निवासी पवन शर्मा का कहना है कि बुधवार तड़के मौसम खराब होने पर बिजली विभाग की तरफ से सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद काफी देर तक बारिश से कालोनी में जलभराव हो गया। दोपहर साढ़े 12 बजे 1912 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के लिए फोन किया। जहां पहले तो शिकायत लिख लेने की बात कही। जब समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने दोबारा हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। तब कहा कि शिकायत दर्ज नहीं हुई है। अब लिख लेते हैं। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा मंत्री द्वारा नियमों के बारे में बताया तो उन्हें महज 20 मिनट में सप्लाई देने का भरोसा दिया गया। उधर, महिलाओं का कहना है कि बिजली के बिना अधिकांश लोग मोटर से पानी भी नहीं भर सके। जबकि वर्क फ्रॉम होम में भी लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी और छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन क्लास में परेशानी हुई। राजेंद्र नगर में मोना अपना ऑफिस का काम नहीं कर सकीं। बिजली के कारण उनका लैपटॉप बार-बार बंद हो रहा था। साहिबाबाद, वैशाली और इंदिरापुरम व कौशांंबी में भी बिजली की आंख-मिचौली से लोग ऑफिस का काम नहीं कर पाए। यहां पर एक से चार घंटे तक बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों को परेशान किया।   ------------------  परिचर्चा ः - बारिश शुरू होते ही बिजली विभाग से लाइट काट दी जाती है। इससे दिन निकलने के समय ही अंधेरा छा जाता है। कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई। लेकिन भरोसे के अलावा समय पर समाधान नहीं होता है। राजेंद्र नगर में लोग घंटों परेशान रहे। आरएन शर्मा - चार घंटे की बिजली कट के बाद इन्वर्टर बैटरी भी बंद हो गए। जब पंखा नहीं चला तो मजबूरी में गर्मी सहन करना पड़ा। पानी न आने से रसोई में खाना भी नहीं बना। इसके लिए कोरोना काल में बाहर से खाना आर्डर करना पड़ा। अनुपमा - बिजली जाने के बाद मेरी ऑनलाइन क्लास भी नहीं हो सकी। क्यूंकि इन्वर्टर बैटरी बंद हो चुके थे और लैपटॉप चार्ज नहीं था। इससे मोबाइल पर भी पढ़ाई नहीं हो सकी। टीचर से फोन पर बात करके ही काम के बारे में पूछा था। संयुक्ता  ------------------------------- सुमित कुमार
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