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Ghaziabad News: बागियों को मनाने घर पहुंचे भाजपा वरिष्ठ नेता, कई आज पर्चा ले सकते हैं वापस

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रूठे कार्यकर्ताओं मनाती भाजपा की मेयर प्रत्याशी सुनीता दयाल।
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गाजियाबाद। टिकट न मिलने से बागी हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को मनाने पार्टी के वरिष्ठ नेता बुधवार को उनके घर पहुंचे और मान-मनौवल की प्रक्रिया चली। भाजपा के नेताओं की कई टीम हिंडनपार और पुराने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंची। पार्टी के महानगर अध्यक्ष का कहना है कि 15-20 कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भरा गया अपना नामांकन पत्र बृहस्पतिवार को वापसी लेने का आश्वासन दिया है।
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भाजपा में इस बार पार्षद टिकट के सबसे ज्यादा दावेदार थे। एक-एक वार्ड से न्यूनतम 12 और अधिकतम 40 दावेदार थे। इनमें से अधिकांश के टिकट कट गए। भाजपा ने इस बार कई निवर्तमान पार्षदों के टिकट काटकर नए चेहरों को उम्मीदवार बना दिया। ऐसे वार्डाें में बगावत सबसे ज्यादा हुई और पुराने कार्यकर्ताओं ने पार्टी का दामन छोड़कर निर्दलीय या अन्य दलों के टिकट पर नामांकन पत्र दाखिल कर उम्मीदवारी कर दी।
भाजपा नेतृत्व को इस बगावत से कई वार्डाें में पार्टी के विपरीत चुनाव परिणाम आने की आशंका है। इसी वजह से पार्टी के नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाकर रूठों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वार्ड-69 लोहिया नगर लाल क्वार्टर में मेयर प्रत्याशी सुनीता दयाल व अन्य पदाधिकारी भाजपा नेता राजकुमार को मनाने पहुंचे। उन्होंने निर्दलीय दाखिल किया नामांकन वापस लेने का आश्वासन दिया है। इसके बाद शास्त्री नगर पहुंचकर पूर्व पार्षद ललित शर्मा को भी नामांकन वापस लेने के लिए मनाया। इसके अलावा भाजपा नेताओं की टीम श्याम पार्क, विजयनगर क्षेत्र, गोविंदपुरम समेत कई अन्य क्षेत्रों में उम्मीदवारों के पास भी पहुंची है।
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नामित पार्षद बनने का मिल सकता है मौका
नगर निगम के 100 निर्वाचित पार्षदों के अलावा सदन में 10 पार्षदों को नामित करके भेजा जाता है। पार्टी से रूठकर निर्दलीय उम्मीदवारी करने वाले कुछ कार्यकर्ताओं को नामित पार्षद के रूप में सदन में भेजे जाने का आश्वासन भी दिया जा रहा है, ताकि बगावत के सुर कमजोर पड़ सके। पार्टी कुछ पुराने चेहरों को नामित पार्षद के रूप में नगर निगम में भेजने पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा कई वरिष्ठ पार्षदों का टिकट कटने के बाद उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
निष्कासन पर भी निर्णय ले सकती है पार्टी
टिकट कटने से बगावत पर उतरे कार्यकर्ता न माने तो पार्टी कड़ा फैसला भी ले सकती है। इसकी शुरूआत भाजपा ने अन्य जिलों से कर दी है। चर्चा है कि पार्टी से बगावत कर नामांकन पत्र दाखिल करने वालों और विरोध करने वालों के नाम संगठन प्रभारी और नगर निकाय चुनाव प्रभारी की डायरी में पहुंच चुके हैं। गाजियाबाद में भी कई कार्यकर्ताओं को ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर चुके 15 से 20 कार्यकर्ताओं ने नाम वापसी लेने का आश्वासन दिया है। भाजपा एक परिवार है और परिवार के सदस्य हर परिस्थितियों में साथ देते हैं। उनका कहना है कि 100 वार्डाें के लिए 2159 दावेदारों ने आवेदन किए थे। दावेदारों को भी यह समझना चाहिए कि टिकट तो 100 लोगों को ही मिल सकता है। बृहस्पतिवार को भी भाजपा कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया जाएगा।
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