नगर निगम में भी भाजपा जल्द ही बसपा में सेंध लगा सकती है। बसपा के एक पार्षद ‘हाथी’ को छोड़ ‘कमल’ को थाम सकते हैं। इसकी रूप रेखा तैयार हो चुकी है।
वहीं सपा के एक सीनियर पार्षद की भी भाजपा से इन दिनों नजदीकियां बढ़ रही है। चर्चा है कि यह पार्षद भी या तो जल्द ही भाजपा का दामन थाम लेंगे या फिर अघोषित रूप से निगम में भाजपा का चेहरा बन सकते हैं।
दरअसल, यह सारी उठा पठक नगर निगम कार्यकारिणी समिति के चुनाव को लेकर हो रही है। भाजपा नेता बेशक आम सहमति से चुनाव कराकर सभी दलों को कार्यकारिणी में जगह देने की बात कह रहे हों, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज होने के लिए भी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
बसपा के एक पार्षद को भाजपा में लाकर जहां पार्टी के नेता उपाध्यक्ष पद पाने के लिए एक वोट पक्की कर रहे हैं, वहीं इस पार्षद का निशाना अगले साल होने वाले निगम चुनाव के टिकट पर है।
सूत्रों की मानें तो भाजपा नेताओं और बसपा के इस पार्षद के बीच तमाम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। दूसरी ओर, सपा के एक पार्षद भी भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। चर्चाएं इस पार्षद के भी भाजपा में जाने की है, लेकिन अगर ऐसा न भी हुआ तो भाजपा इनके जरिए ‘गेम चेंज’ कर सकती है। यानी इस उपाध्यक्ष पद को लेकर निगम में राजनीतिक गर्म हो गई है।
आज मेयर के आवास पर होगी अहम बैठक
कार्यकारिणी समिति के छह सदस्यों के चुनाव को लेकर शनिवार को महापौर अशु वर्मा के आवास पर सर्वदलीय पार्षदों की अहम बैठक होगी। इस बैठक में सभी पार्टियों से पार्षद दल के नेता मौजूद रहेंगे।
कई निर्दलीय और अन्य पार्षद भी शामिल हो सकते हैं। महापौर ने यह बैठक आम सहमति से छह सदस्यों को चुने जाने के लिए बुलाई है। उनका प्रयास है कि चुनाव में मतदान की जरूरत न पड़े।