पुलिस ने ठगों द्वारा ठगी गई रकम लौटाई
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गाजियाबाद में भोजपुर पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार दो लोगों धर्मेन्द्र सिंह और चन्द्रदत्त सिंह की रकम वापस दिलाई। साइबर ठगों ने दोनों लोगों से 30-30 हजार रुपये की साइबर ठगी की थी। दोनों ने घटना के बाद तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर उनकी रकम वापस दिलाई।
एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर खेड़ा के रहने वाले धर्मेन्द्र सिंह और इसी थाना क्षेत्र के गांव मुकीमपुर निवासी चन्द्रदत्त सिंह के साथ बीती जनवरी महीने में साइबर ठगी हुई थी। साइबर अपराधियों ने उनके परिचितों का वाट्सअप हैक कर बच्चों के बीमार होने का झांसा देकर अपने खातों में 30-30 हजार रुपये जमा करा लिय थे। धर्मेन्द्र और चन्द्रदत्त को कुछ ही समय बाद ठगी का पता लग गया था।
उन्होंने तत्काल भोजपुर थाने में साइबर डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत मिलते ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग (एनसीआरपी) पोर्टल पर मामला दर्ज किया। इसके बाद साइबर अपराधियों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए। पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर न्यायालय में मजबूत पैरवी की। न्यायालय ने बैंक को धर्मेंन्द्र और चन्द्रदत्त की रकम वापस लौटाने का आदेश दिया। थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने धर्मेन्द्र और चन्द्रदत्त सिंह के खाते में रकम वापस होने का सूचना पत्र सौंपा।
सतर्कता से मिली साइबर ठगी की रकम वापस
धर्मेन्द्र और इन्द्रदत्त की सतर्कता के कारण पुलिस ने उनकी साइबर ठगों द्वारा ठगी गई रकम वापस दिला दी। धर्मेन्द्र और इन्द्रदत्त को जैसे ही अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता लगा तो उन्होंने तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल ठगों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए। इससे ठगाों की सारी रकम खातों में ही फंस गई।
इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया अपना कर धर्मेन्द्र और इन्द्रदत्त की रकम उनके खातों में वापस ट्रांसफर करा दी। साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह का कहना है कि अगर साइबर ठगी का जल्द पता लग जाए तो पुलिस साइबर अपराधी का तत्काल खाता फ्रीज करा देती है। इससे अपराधी खाते में लेनदेन नहीं कर सकता और अगली कार्रवाई तक रकम खाते में सुरक्षित रहती है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।