गाजियाबाद में बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले में भड़काऊ ट्वीट करने के आरोपी मोहम्मद जुबैर व सबा नकवी सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी गलती मानते हुए ट्वीट को पूर्व में ही डिलीट करने की बात रखी।
करीब चार घंटे चली पूछताछ में ज्यादातर सवालों के जवाब दोनों नहीं दे सके। वहीं, पत्रकार राना अय्यूब के अधिवक्ता ने लोनी बॉर्डर थाने पहुंच वर्चुअल वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया। राना अय्यूब को तीन दिन के अंदर बयान दर्ज कराने होंगे। केस के पांच आरोपियों की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है।
दाढ़ी काटने के प्रकरण में भड़काऊ ट्वीट करने के मामले में लोनी बॉर्डर पुलिस ने ट्विटर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी समेत सभी आरोपियों को धारा 41ए के तहत नोटिस भेजकर थाने बुलाया था। ट्विटर इंडिया के एमडी कर्नाटक हाईकोर्ट चले गए, जबकि बाकी आरोपियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा था।
जवाब देने का आखिरी दिन 28 जून था। सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सबा नकवी और मोहम्मद जुबैर अपने बयान दर्ज कराने लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। शुरुआत में विवेचक व एसएचओ अखिलेश मिश्र ने दोनों से बात की। बाद में एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने दोनों से एक-एक कर सवाल किए। पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच करीब 4 घंटे सवाल-जवाब का सिलसिला चला।
पुलिस ने किए ये सवाल
- संवेदनशील मामले में भड़काऊ ट्वीट क्यों किया गया।
- पुलिस द्वारा खंडन करने के बाद भी ट्वीट डिलीट क्यों नहीं किया गया।
- केस दर्ज होने के बाद पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया।
- नोटिस भेजने के बाद जवाब क्यों नहीं दिया गया।
- कैसे मान लें कि आपकी मंशा गलत नहीं थी।
- क्यों न आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।