प्रमुख सड़कों से होर्डिंग्स न हटाने पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को फटकार लगाई है। साथ ही एक माह में होर्डिंग्स हटाने और हाईकोर्ट में हाजिर होने का आदेश भी दिया है। फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) ने मामले में याचिका दाखिल की थी।
सुनवाई में एओए की ओर से बताया गया कि जीडीए और नगर निगम ने समस्याओं के निपटारे के बजाय सिर्फ खानापूर्ति की है। प्रमुख चौराहे होर्डिंग्स से अटे पड़े हैं। 2015 में एओए की याचिका पर हाईकोर्ट की ओर से सभी विभागों को इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि इलाकों में लगे होर्डिंग्स हटाने का आदेश दिया गया था।
इसके बाद जीडीए ने कुछ इलाके में अभियान चलाया, लेकिन नगर निगम ने सिर्फ खानापूर्ति की। हाईकोर्ट ने निगम से कार्रवाई न होने का कारण पूछा। कोर्ट ने एक माह में समस्या का समाधान न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस मामले में अब 30 नवंबर को सुनवाई होगी।
उधर, नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी व उप नगर आयुक्त एसके तिवारी का कहना है कि कोर्ट के आदेश की कापी मिलने पर आदेशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान समय-समय पर चलाया जा रहा है।