एनआरएचएम घोटाले से संबंधित एक चार्जशीट में सीबीआई ने परचेजिंग कमेटी को क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में मंगलवार को सीबीआई ने क्लोजर पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने इस क्लोजर पर निर्णय लेने के लिए 6 सितंबर की तारीख नियत की है।
बरेली में मेडिकल किट खरीदे जाने से संबंधित इस मामले में सीबीआई पूर्व में ही गाजियाबाद विशेष कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है। इसमें तत्कालीन सीएमओ डा. शिवओम, एसीएमओ डा. रविशंकर अग्रवाल के साथ ही दो दवा कारोबारी मैसर्स मेडिकेयर फार्मा लखनऊ के मालिक हरेंद्र वर्मा एवं इस फर्म के लिए लाइजनिंग करने वाले अवधराम वर्मा को नामजद किया गया था।
चार्जशीट में आरोपियों पर एनआरएचएम फंड के तहत बरेली जिला सरकारी अस्पताल के लिए खरीदी गईं मेडिकल किट में धांधली का आरोप लगाया गया था। इसी चार्जशीट में तत्कालीन विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार गुप्ता ने सीबीआई को परचेजिंग कमेटी समेत कुछ बिंदुओं पर आगे की जांच का आदेश दिया था। सीबीआई ने अब इस मामले की जांच पूरी करते हुए परचेजिंग कमेटी को क्लीन चिट दे दी है।
पूर्व मंत्री और विधायक समेत कई आरोपी पेश
चर्चित एनआरएचएम घोटाला प्रकरण के एक मामले में मंगलवार को यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और देवरिया के विधायक आरपी जायसवाल समेत कई आरोपी सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में पेश हुए।
विशेष न्यायाधीश ने इस मामले में सुनवाई के लिए अब 9 सितंबर की तारीख नियत की है। आगामी तारीख पर पूर्व मंत्री की सेक्शन 197 से संबंधित अर्जी समेत अन्य अर्जियों का निस्तारण किया जाएगा।