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बेलर घोटाला: एक कर्मचारी सस्पेंड, तीन के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

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बुलंदशहर। जिले कृषि विभाग में हुए बेलर यंत्र घोटाले में शामिल तीन अफसरों पर कार्रवाई के बाद एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। उप कृषि निदेशक ने एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संस्तुति उच्च अधिकारियों से की। इनमें एक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है, जबकि दो कर्मचारी अब भी विभाग में ड्यूटी कर रहे हैं।
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कृषि विभाग की प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीडयू योजना के अंतर्गत किसानों को बेलर दिए थे। इसमें किसानों को जो अनुदान दिया गया है वह करीब सात करोड़ का था। वित्तीय वर्ष 2020-21 व 21-22 में किसानों को दिए 209 के सापेक्ष 24 बेलर यंत्र का रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान मिला था। मामले में शासन स्तर से छह टीमें जांच के लिए पहुंची थी और उन्होंने अपनी रिपोर्ट शासन को दी थी। प्रकरण में अब उप कृषि निदेशक डिपिन कुमार ने कार्यालय में तैनात प्राविधिक सहायक ग्रुप सी कर्मचारी विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि वरिष्ठ सहायक अंकुर शर्मा के निलंबन की संस्तुति जेडी मेरठ व जेई राकेश कुमार के निलंबन की संस्तुति एडीए प्रशासन लखनऊ को कर दी है। विभाग के सेवानिवृत्त हो चुके एडीओ लायक सिंह इसमें मुख्य सत्यापनकर्ता रहे। उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए गवर्नर से अनुमति मांगी गई है। मामले में तत्कालीन उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी और शिव कुमार के अलावा जिला कृषि रक्षा अधिकारी धनंजय सिंह को भी सस्पेंड किया जा चुका है। वहीं, सात फर्मों को पिछले दिनों काली सूची में डाला गया है।
बेलर यंत्र घोटाले में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। जबकि तीन के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है। इनमें एक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया है। पूरे प्रकरण में शासन स्तर से जांच भी चल रही है। शासन को मामले में रिपोर्ट भेज दी गई है। - डिपिन कुमार, उप कृषि निदेशक।
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