गाजियाबाद। लोनी में 23.52 लाख रुपये में मकान की रजिस्ट्री करने के बाद दस लाख रुपये अतिरिक्त मांगने के आरोपी युसुफ मलिक की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जमानत दिए जाने का कोई ठोस आधार नहीं है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि लोनी निवासी महबूब अली मकान खरीदना चाहते थे। उनकी मुलाकात लोनी निवासी युसुफ मलिक से हुई। उसने महबूब को अपना मकान दिखाया। पसंद आने पर सौदा 23 लाख 52 हजार रुपये में तय हो गया। युसुफ ने तय रकम लेने के बाद महबूब अली के पक्ष में मकान की रजिस्ट्री कर दी। 30 अप्रैल 2023 को मकान का कब्जा देने की बात हुई। इसके बाद युसुफ ने बहाना बनाते हुए कहा कि मकान का जो सौदा हुआ था, वह रकम उसे नहीं मिली इसलिए वह कब्जा नहीं देगा।। वकील के माध्यम से युसुफ ने महबूब अली को एक नोटिस भी भेज दिया। इसके बाद महबूब अली ने मामले की रिपोर्ट लोनी थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने गिरफ्तार कर युसुफ मलिक को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया था। बुधवार को जमानत दिलाने के लिए उसके वकील ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी।