गाजियाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शाहनवाज और मतलूब खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों आरोपी वर्ष 2017 से फरार चल रहे हैं। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी थे। साथ ही कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण वर्ष 2015 से लंबित वाद का विचारण बाधित हुआ है। उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि जो अभियुक्त लगातार आदेशों का उल्लंघन कर फरार रहे हैं, वे अग्रिम जमानत के हकदार नहीं हैं। यह मामला मसूरी थाने में दर्ज है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-4 से वारंट जारी था। पुलिस शाहनवाज और मतलूब खान की गिरफ्तारी के लिए उनके घरों पर दबिश दे रही है। हालांकि, अभियुक्तों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उन्हें रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया है। उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने किसी अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं की है।