धोखाधड़ी कर फ्लैट बेचने वाले की जमानत अर्जी खारिज माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। अदालत ने फ्लैट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बिल्डर पर आरोप है कि एक फ्लैट पर पहले से ही लोन होने के बावजूद बिना जानकारी दिए बेच दिया था, जबकि खरीदार को बताया था कि फ्लैट पर किसी तरह का कोई लोन नहीं था। कवि नगर थाना क्षेत्र में बिल्डर विजयंत जैन ने स्वर्ण जयंती पुरम स्थित एक 200 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 6 फ्लैट बनाए थे। फ्लैट बनाने के दौरान उसने बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लिया था। इसके बाद वर्ष 2012 में विजयंत जैन ने वेद प्रकाश सिंघल को 14.50 लाख रुपये में एक फ्लैट बेच दिया था। विजयंत जेन ने वेद प्रकाश सिंघल को बताया था कि फ्लैट पर किसी तरह का कोई लोन नहीं है। आरोप है कि फ्लैट खरीदने के कुछ दिन बाद ही समाचार पत्र में विजयंत जैन के खिलाफ नीलामी की खबर छपी थी। खबर पढ़ने के बाद वेद प्रकाश सिंघल ने उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर विजयंत जैन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विजयंत जैन को जमानत दिलाने के लिए उसके वकील ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी है। ---------------