दिल्ली से सटे गाजियाबाद का नाम भले ही हॉट सिटी की सूची में शुमार हो चुका हो, लेकिन स्मार्ट सिटी की लिस्ट में दो राउंड बाद भी गाजियाबाद का नाम नहीं आ सका है। कंसलटेंट फर्म बदलने और जनता को इस मिशन से जोड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च कर चुका गाजियाबाद इस बार 63 शहरों की प्रतिस्पर्धा में 53वें स्थान पर आया है।
स्मार्ट सिटी की प्रतियोगिता में गाजियाबाद 100 में से महज 50.86 अंक हासिल हुए।केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी में प्रतिभाग करने वाले 63 शहरों की रैंकिंग जारी कर दी है। इनमें पंजाब का अमृतसर शहर सबसे ज्यादा 63.55 अंक पाकर पहले पायदान पर है। यूपी का आगरा शहर टॉप टेन शहरों में इकलौता है।
यह 10वें नंबर पर रहा। स्मार्ट सिटी के इस दूसरे राउंड में 63 में से 27 शहरों का चयन हुआ है। इसमें गाजियाबाद का नाम इस बार भी शामिल नहीं हुआ है। इस दौड़ से बाहर हुए 36 शहरों में भी गाजियाबाद का नाम सम्मानजनक स्थिति में नहीं रहा। इन 36 शहरों में गाजियाबाद 26वें स्थान पर रहा, जबकि झांसी शहर पहले स्थान पर है।
झांसी शहर महज चंद नंबरों की वजह से पिछड़ गया है। स्मार्ट सिटी में जगह बनाने वाले अंतिम शहर बडोदरा को 55.38 अंक मिले हैं। झांसी को 54.94 फीसदी अंक मिले हैं। गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी और महापौर इस बार स्मार्ट सिटी की लिस्ट में जगह बनाने का दावा कर रहे थे,
लेकिन केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से जारी हुई रैंकिंग लिस्ट ने उनका यह भ्रम भी तोड़ दिया। चयनित होना तो दूर गाजियाबाद इस दौड़ में यूपी के ही अलीगढ़, इलाहाबाद जैसे शहरों से भी बेहद पीछे रह गया। अधिकारियों के मुताबिक स्मार्ट सिटी में पिछड़े शहरों को अब जनवरी 2017 में तीसरा मौका मिलेगा।
स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार कर यह शहर फिर से दावेदारी कर सकेंगे।
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स्मार्ट सिटी से बाहर हुए यूपी के शहरों की रैंकिंग
झांसी 28वीं
अलीगढ़ 33वीं
इलाहाबाद 34वीं
गाजियाबाद 53वीं
बरेली 56वीं
रामपुर 58वीं
मुरादाबाद 60वीं
सहारनपुर 61वीं
मेरठ 62वीं
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अधिकारी बोले
इस बार पहले से बेहतर प्रपोजल तैयार किया गया था। बावजूद इसके स्मार्ट सिटी में पिछड़ने के कारणों का पता लगाया जाएगा। जल्द ही अगला मौका मिलेगा। कमियों का पता लगाकर इस बार उन्हें दूर कर प्रपोजल तैयार किया जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त