गाजियाबाद। विजयनगर क्षेत्र में एनएच-9 पर 21 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे पशु कारोबारी नदीम से 23.41 लाख रुपये लूट करने वाले छह बदमाशों को डीसीपी नगर जोन की स्वाट टीम और विजयनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीन बदमाश बीए पास हैं, एक आईटीआई पास, एक 11वीं पास है और एक निर्माण सामग्री की सप्लाई का काम करता है। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उन्होंने मौज मस्ती करने और उत्तराखंड घूमने के लिए लूट की वारदात की थी।
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए बदमाश मेरठ के मुडाली के गांव डेरी रछोती निवासी तुषार उर्फ हाका, अरुण, किठौर के गांव भडोली निवासी अभय, मेरठ के परीक्षितगढ़ के गांव रामनगर निवासी नितिन उर्फ मुनीम, ग्रेटर नोएडा के गांव इमलिया निवासी गौरव और नोएडा सेक्टर 143 निवासी धीरज सिंह उर्फ रोशन हैं। इनके दो साथी विशाल और हर्ष फरार हैं। दोनों ग्रेटर नोएडा के सोनपुरा के रहने वाले हैं और बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। विशाल और हर्ष साजिश रचने में शामिल थे।
वारदात के बाद ये रास्ते में स्कूटी को सिविल लाइन चौकी के पास छोड़ गए थे। जो पूर्व में बरामद हो चुकी है। इसके अलावा अब इनके पास से लूटी गई रकम में से 20.50 लाख रुपये, एक पिस्टल, तीन तमंचे, एक चाकू, घटना में प्रयुक्त बाइक और स्विफ्ट कार और एक आईफोन व नए कपड़े बरामद किए हैं। कपड़े और आईफोन उन्होंने लूटी गई रकम से खरीदे थे। डीसीपी नगर ने बताया कि घटना का खुलासा करने पर डीजीपी ने टीम को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
नदीम को अभय ने मारा था चाकू, तुषार ने तानी थी पिस्टल
डीसीपी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे फुटेज और पूछताछ में पता चला कि वारदात के दौरान तुषार, अभय और नितिन बाइक पर थे जबकि अरुण गौरव और धीरज स्विफ्ट कार में पीछे चल रहे थे। नदीम को रोकने के बाद तुषार ने नदीम पर पिस्टल तानी और अभय ने चाकू से वार करने का प्रयास किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद तुषार और अभय नदीम की स्कूटी पर बैठकर गए और नितिन बाइक से गया था। रास्ते में स्कूटी में से नकदी निकालकर स्कूटी छोड़कर बस से मेरठ चले गए थे और नितिन ने शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग में बाइक खड़ी कर फरार हो गया था। वहीं कार सवार अरुण, गौरव और धीरज भी मेरठ की ओर फरार हो गए। तुषार ने मेरठ के टीपीनगर निवासी प्रिंस से पिस्टल ली थी।
गौरव ने साथियों के साथ मिलकर रची थी साजिश
पूछताछ में गौरव ने बताया कि ढाई महीने पहले दिल्ली विनोद नगर में एक पार्टी में उसकी मुलाकात मोंटी नाम के युवक से हुई थी। बातचीत में उसने मोंटी से उसके कामकाज के बारे में पूछा। मोंटी ने दवाई व मोबाइल की दुकान की बात कही। साथ ही कहा कि 25 हजार रुपये महीने के वेतन पर वह पहले गाजीपुर मंंडी से हवाले की रकम पहुंचाने का काम करता था। इस बारे में गौरव ने रेकी करके किसी को लूटने की साजिश रची और अपने साथी अरुण, विशाल और हर्ष को बताई। अरुण ने तुषार को बताया और तुषार ने नितिन व अभय को इस बारे में बताया था।