अवंतिका कालोनी को नगर निगम के गुपचुप टेकओवर करने के बाद से उठा विवाद थम नहीं रहा है। महापौर ने कालोनी में अधूरे कार्यों के आकलन के लिए निगम अफसरों की जांच कमेटी बनाई तो आरडब्ल्यूए ने विरोध शुरू कर दिया।
आरडब्ल्यूए ने महापौर को अब ज्ञापन देकर उनकी जांच कमेटी और महज 11 लाख रुपये लेकर कालोनी टेकओवर की संस्तुति करने वाली निगम अफसरों की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
अवंतिका आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ह्रदेश कंसल का कहना है कि महापौर ने अब निगम के इंजीनियरों की जांच कमेटी बनाकर कालोनी के लोगों को भ्रमित किया है।
उनका कहना है कि निगम के जिन इंजीनियरों को जांच टीम में शामिल किया गया है, वहीं पूर्व में अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को दे चुके हैं। उस रिपोर्ट को ही आधार बनाकर नगर निगम ने महज 11 लाख रुपये बिल्डर से खाते में जमा कराकर अवंतिका कालोनी को टेकओवर कर लिया।
अब वह इंजीनियर अपनी पुरानी रिपोर्ट के खिलाफ कैसे रिपोर्ट देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले पर लीपापोती करने के लिए अब यह दूसरी जांच कमेटी बनाई गई है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि जब निगम के अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट नहीं बनाई तो उन्होंने अधूरे कार्यों का असेसमेंट कर निगम को रिपोर्ट सौंपी थी।
इसके मुताबिक अभी कालोनी में 216 करोड़ रुपयों के काम बाकी है। बिल्डर को 216 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाकर महज 11 लाख लेकर कालोनी टेकओवर करने का यह मामला आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। उधर, महापौर अशु वर्मा का कहना है कि अवंतिका कालोनी को शर्तों के साथ टेकओवर किया गया था। कालोनी में अधूरे कार्यों की रिपोर्ट तैयार कराकर बिल्डर से पूरे कराए जाएंगे।