गाजियाबाद। शरदकालीन अवकाश घोषित होने से जनपद की सभी अदालतें 25 से 31 दिसंबर तक बंद रहेंगी, इस अवधि में नियमित न्यायिक कार्य नहीं होगा। केवल अत्यंत आवश्यक मामलों पर ही विचार किया जाएगा। अदालतों में नए वर्ष के पहले दिन यानी एक जनवरी से फिर से सामान्य रूप से कामकाज शुरू होगा।
बुधवार को वर्ष का अंतिम कार्यदिवस रहा। इस दिन अदालतों में सुनवाई के बाद अवकाश की घोषणा कर दी गई, हालांकि अदालतें खुली रहीं लेकिन कामकाज की गति अपेक्षाकृत धीमी रही। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई की जिससे पक्षकारों को राहत मिल सके।
परिवार न्यायालय में वर्ष के अंतिम दिन विशेष गतिविधि देखने को मिली। जानकारी के अनुसार इस दिन तलाक और विदाई से संबंधित कुल 65 मुकदमे दर्ज किए गए। इन मामलों में दंपतियों ने आपसी मतभेदों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार अवकाश के दौरान न्यायिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि आपात स्थितियों में लोगों को परेशानी न हो नए साल में लंबित मामलों की सुनवाई को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।