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बैंकों की छुट्टी-एटीएम खाली, चक्कर लगा रहे लोग

Mon, 12 Dec 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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एटीएम - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम में कैश की किल्लत से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बैंकों की लगातार तीन दिन की छुट्टियां पड़ने से हालात और भी खराब हो गए हैं।
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बीते शनिवार दोपहर कई एटीएम में कैश डालने से देर रात तक एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन रविवार को महानगर के अधिकांश एटीएम में खाली नजर आए। कैश नहीं होने से ज्यादातर एटीएम के शटर गिरे रहे।

सैलरी आने के 11 दिन बाद भी लोग घर-खर्चों, मकान का किराया सहित जरूरी बकाया का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। कैश की कमी के चलते अब तो लोगों के छोटे-मोटे खर्चे भी प्रभावित होने लगे हैं।
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रविवार को महानगर के अधिकांश बैंकों की ब्रांच में लगे एटीएम, बाजारों और कालोनियों के एटीएम में कैश नहीं होने के चलते शटर गिरे रहे। आरडीसी के एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, करूर वैश्य बैंक, कैथलिक  सीरियन बैंक, एसबीआई, कोटक  महिंद्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पीएनबी के एटीएम में कैश नहीं था।

वहीं, नवयुग मार्केट में एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम भी खाली होने से उनके शटर गिरे रहे। अंबेडकर रोड के एक्सिस, एचडीएफसी, सिटी बैंक के एटीएम में कैश नहीं था।

केवल पुराना बस अड्डा के पास यश बैंक के एटीएम में कैश एक घंटे के भीतर खत्म हो गया। तुराबनगर के बैंक ऑफ बड़ौदा, जीटी रोड, नेहरू नगर, गांधीनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, संजयनगर सहित लाइन पार में भी एटीएम में नो कैश के बोर्ड लटके नजर आए।

ऐसे ही हालात रहे, तो कैसे चलेगा काम
लाल कुआं निवासी विवेक कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र के विभिन्न एटीएम में बीते 15 दिनों से कैश नहीं है। मजबूरन शहर के एटीएम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। करीब 30 एटीएम के चक्कर काटने के बावजूद कैश नहीं मिला।

इंदिरापुरम से शहर के एटीएम में कैश की आस लिए पहुंचे अनिवेश ने बताया कि कैश की कमी के चलते अब छोटे-मोटे खर्चे भी प्रभावित होने लगे हैं। मजबूरी में कैश के लिए पुराने शहर आए। लेकिन यहां के एटीएम भी खाली पड़े हुए हैं।

नेहरूनगर निवासी संजय भाटी का कहना है कि कैश की किल्लत ने सारे काम रोक रखे हैं। शनिवार को करीब पांच घंटा लाइन में लगकर दो हजार रुपये मिले। रविवार को दो दर्जन से अधिक एटीएम के चक्कर काटे, मगर नतीजा सिफर रहा।

अशोकनगर निवासी संजू सैनी का कहना है कि कैश की कमी अब परेशान करने लगी है। जरूरी खर्चों के साथ दूध, किराया आदि बकाया कैसे दें, इसकी टेंशन है। ऐसे ही हालत रहे तो परेशान और बढ़ेगी।

 
आज भी नहीं मिलेगी राहत, मंगलवार को मचेगी मारामारी
लगातार तीन दिन पड़ी छुट्टियों के चलते रविवार को ही महानगर के एटीएम के बाहर नौ कैश के बोर्ड लग गए। सोमवार को भी सरकारी छुट्टी होने के कारण लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं मंगलवार को बैंकों में मारामारी रहने की आशंका है। 
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