गाजियाबाद। बंगलूरू में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर घर लौट रहे अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी (27) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शनिवार दोपहर उनका शव गाजियाबाद के साईं उपवन में मिला। आशंका है कि उन्हें गोली मारने के बाद चेहरे को भी कुचला गया।
एक फोन कॉल के जरिये उनकी पहचान हो सकी। इसके बाद मुरादनगर के बसंतपुर सैथली निवासी परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद परिवार गाजियाबाद पहुंचा। चिराग की हत्या की सूचना पर कई पैरा एथलीट और साथी खिलाड़ी भी पहुंचे।
पुलिस को घटनास्थल से चिराग का एक मोबाइल फोन मिला है, जबकि दूसरा मोबाइल फोन गायब है और बंद आ रहा है। एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी। चिराग के पिता मनोज ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हो गया। उनके बेटे का किसी से कोई विवाद नहीं था।
एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि गोली लगने और मृत्यु के कारणों के बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। चिराग ने इंदौर में रहने वाली अपनी महिला मित्र से बात की थी। उसी कॉल के आधार पर उनकी पहचान हुई। युवती ने बताया कि दोनों गाजियाबाद में मिलने वाले थे। पुलिस ने युवती से पूछताछ की है। परिवार की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, कुछ लोगों पर संदेह जताया गया है, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
चाचा से कहा, मेट्रो नहीं कैब से आऊंगा
बेंगलूरू में हुई प्रतियोगिता में दो पदक जीतने के बाद चिराग का चयन एशियन पैरा गेम्स के लिए हुआ था। इसके लिए उन्हें अक्तूबर में जापान जाना था। उनके चाचा दीपक ने बताया कि चिराग दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते थे और वहीं हॉस्टल में रह रहे थे। बेंगलूरू से उनकी फ्लाइट शुक्रवार शाम करीब 5:15 बजे दिल्ली पहुंची थी और वह रात में हॉस्टल में ही रुके थे। शनिवार सुबह करीब 7:50 बजे उन्होंने अपने एक साथी से बात की। दीपक के अनुसार, करीब 8:10 बजे उनकी चिराग से बातचीत हुई। उन्होंने चिराग से मेट्रो से आने के लिए कहा, लेकिन चिराग ने बताया कि वह कैब से घर पहुंच जाएंगे। उन्होंने दोपहर तीन से चार बजे तक घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई।
दिल्ली में सुबह 9:12 बजे पैदल जाते दिखे
एसीपी ने बताया कि चिराग दिल्ली से गाजियाबाद तक कैसे पहुंचे, इसकी जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दिल्ली में हॉस्टल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में वह सुबह 9:12 बजे पैदल जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस मेट्रो स्टेशनों और आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। साथ ही मोबाइल डेटा और कैब बुकिंग संबंधी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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महिला मित्र से भी हुई पूछताछ
इंदौर से गाजियाबाद पहुंची युवती ने बताया कि उसकी और चिराग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों नियमित रूप से बातचीत करते थे। उनके बीच दोस्ती गहरी हो गई थी। युवती ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वह चिराग से मिलने बेंगलूरू भी गई थी। उसने बताया कि दोनों ने गाजियाबाद में मिलने की योजना बनाई थी। वह अमृतसर एक्सप्रेस से शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे गाजियाबाद पहुंची। सुबह उसकी चिराग से बात हुई थी, लेकिन गाजियाबाद पहुंचने के बाद उससे संपर्क नहीं हो सका। बाद में उसकी कॉल पुलिस ने रिसीव की और उसे चिराग की हत्या की जानकारी दी।