इंदिरापुरम। थाना पुलिस ने बुधवार को दिल्ली स्थित दवा कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत मंडोली के सुशीला गार्डन निवासी उज्ज्वल झा को नकली करंसी के साथ गिरफ्तार किया है। उससे 2.83 लाख रुपये की नकली करंसी के 566 नोट बरामद हुए हैं। युवक मूलरूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है।
दिल्ली में पत्नी और माता-पिता के साथ करीब आठ-नौ वर्ष से किराये के मकान में रह रहा है। नकली करंसी के कारोबार में शुरुआती पूछताछ के बाद आरोपी युवक की भूमिका सप्लायर के रूप में सामने आई है। नोट कहां से आते थे और कहां इनकी छपाई होती थी इन सवालों का जवाब पुलिस अभी ढूंढ़ रही है।
मामले का खुलासा करते हुए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि उज्ज्वल एम फार्मा का कोर्स करने के बाद पिछले कई वर्षों से फार्मासुटिकल्स के क्षेत्र में नौकरी कर रहा था। वर्तमान में वह दिल्ली स्थित दवा कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसकी पत्नी दिल्ली में ही संचालित प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। तीन दिन पहले पुलिस को बाजार में नकली करंसी प्रचलन में आने की शिकायत मिली थी। जब छानबीन की तब पुलिस ने उज्ज्वल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला कि कुछ दिन पहले उज्ज्वल की फेसबुक पर एक अंजान व्यक्ति से मित्रता हुई थी। दोनों की बातचीत हुई और उसके बाद नंबर का आदान-प्रदान हो गया।
दोनों की व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। व्हाट्सएप पर अंजान व्यक्ति ने उसे नकली करंसी में तीन गुना फायदे की बात बताई। इसके बाद डील तय हुई और 10 हजार के असली नोट देकर नकली नोट की पहली खेप 30 हजार रुपये दी गई। उज्ज्वल ने पूरी रकम अपने परिचितों व खुद से बाजार में खपा दिए।
हाल ही में वह दूसरी खेप तीन लाख रुपये की लेने दिल्ली गया और इसके लिए एक लाख रुपये की असली रकम उसने सप्लायर को दी। इसमें से भी 17 हजार नकली करंसी वह बाजार में अब तक खपा चुका है। एसीपी ने बताया कि अभी तक आरोपी कुल मिलाकर बाजार में 47 हजार रुपये की नकली करंसी खपा चुका है। पूछताछ में आरोपी ने भी नकली करंसी सप्लाई की बात स्वीकार की है।
वर्जन
उज्ज्वल झा के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई गई है। जिस व्यक्ति से युवक की सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी रुपयों की डिलीवरी देने भी वही आता था। दिल्ली के जिन स्थानों पर करंसी का आदान-प्रदान किया गया वहां की सीसीटीवी कैमरा फुटेज भी खंगाली जा रही है। मामले की जानकारी आरबीआई और खूफिया एजेंसियों को दे दी गई है। जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया जाएगा। अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम