लाजपत नगर रामलीला मैदान के समुदाय भवन में सोमवार को रावण के पुतले बनाने के दौरान हुए पांच धमाकों में ठेकेदार और उसके बड़े बेटे की मौत के बाद अब शनिवार शाम को कारीगर की भी मौत हो गई है। कारीगर महेंद्र का पिछले छह दिनों से सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। अब तक वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा था। जीटीबी अस्पताल में भर्ती राजू की हालात भी नाजुक बनी हुई है, वहीं रजत की हालात में पहले से सुधार है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि धमाके के बाद सोमवार को महेंद्र (40) निवासी पिलखुवा हापुड़ को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, ठेकेदार अनिल के परिजनों ने बताया कि महेंद्र परिवार में अकेला था, जो पिछले कई वर्षों से अनिल के पुतले बनाने का काम करता था। इस धमाके में घायल कारीगर राजू का भी गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हालांकि, रजत की सेहत स्थिर बनी हुई है।
बता दें कि शनि चौक पुलिस चौकी के सामने करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित सामुदायिक केंद्र में सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पास में रखी बारूद में अचानक एक के बाद एक पांच धमाके हो गए। धमाकों से मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे में पिता-पुत्र समेत कुल सात लोग घायल हो गए।
घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल पास के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर कुछ घायलों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और राजीव गांधी अस्पताल रेफर किया गया था। जहां मंगलवार सुबह राजीव गांधी अस्पताल में ठेकेदार अनिल कुमार (51) और बृहस्पतिवार को उसके बड़े बेटे ऋषभ की उपचार के दौरान पहले ही मौत हो चुकी हैं।