गाजियाबाद। जिले में कुत्तों के बढ़ते हमलों के बीच एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की उपलब्धता को लेकर संकट खड़ा हो गया है। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी का स्टॉक खत्म होने से कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचने वाले घायलों को जिला अस्पताल और बड़े स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल में भी वैक्सीन खत्म होने के बाद स्थानीय स्तर पर 250 वायल की खरीद की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन स्तर से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण यह स्थिति बनी है।
जिले में रोजाना 350 से 400 लोग कुत्ते, बंदर और बिल्ली के काटने का शिकार हो रहे हैं। गली और मोहल्लों के अलावा बहुमंजिला सोसायटियों में भी आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। राजनगर एक्सटेंशन की कई सोसायटियों में कुत्तों के लोगों को काटने के मामले सामने आ चुके हैं। कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एआरवी लगाने की सुविधा शुरू की गई थी। अब वैक्सीन की कमी के चलते इस व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।
रोजाना 500 घायलों को लग रहा टीका
जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 500 से अधिक घायलों को एंटी रेबीज वैक्सीन की अलग-अलग डोज लगाई जा रही है। एमएमजी अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में ही रोजाना 200 से 250 कुत्ते काटने के घायल पहुंचते हैं। इन दिनों मरीजों की संख्या में और बढ़ोतरी हो रही है। कई पीएचसी पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को एमएमजी अस्पताल में 286 लोगों को एआरवी लगाई गई, जिनमें 113 नए घायल थे। वहीं संयुक्त जिला अस्पताल में 132 लोगों को टीका लगाया गया।
स्थानीय स्तर पर खरीदी गई वैक्सीन
संयुक्त अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. योगेंद्र ने बताया कि कारपोरेशन से वैक्सीन नहीं मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर 250 वायल खरीदी गई हैं। इससे अस्पताल में फिलहाल मरीजों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि शासन से आपूर्ति नहीं हो रही है, स्थानीय स्तर से तीन सौ वायल खरीद की गई है, लेकिन जल्द ही और वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी।
जल्द आपूर्ति की उम्मीद
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि शासन स्तर से एआरवी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जिला अस्पतालों में अभी स्टॉक उपलब्ध है और घायलों को टीका लगाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन से एआरवी की आपूर्ति शुरू होगी, जिसके बाद सभी जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाएगी।