डीजी डील टू यू सोशल कंपनी की ठगी के शिकार हुए युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना सोमवार रात कीहै। वहीं एक अन्य युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार किया है। जीतपुर कालोनी निवासी मोनू (36) मजदूरी करता था।
उसने डीजी डील टू यू सोशल साइड कंपनी में रुपये लगाई थे। कंपनी के भाग जाने से मोनू डिप्रेशन में चल रहा था। कालोनी के लोगों ने बताया कि मोनू गुमसुम रह रहा था और सोमवार रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया था। काफी देर तक बाहर नहीं आया तो परिजनों ने कमरे में जाकर देखा। मोनू पंखे से लटका हुआ था।
परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा और आनन फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके अलावा कस्बा निवासी रहीसुद्दीन ने भी कंपनी में पैसा लगाया था।
डिप्रेशन में आकर उसने भी जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। गौरतलब है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में डीजी डील टू यू सोशल साइड के नाम से कुछ लोग फर्जीवाड़ा कर हजारों लोगों से लाखों रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए।
कंपनी की ओर से लोगों को बताया गया था कि 19500 रुपये जमा करके उन्हें इंटरनेट पर विज्ञापन क्लिक करने है और इसके बदले उन्हें हर सप्ताह नौ हजार रुपये मिलेंगे। बता दें कि छह दिन पहले कस्बा निवासी सब्जी विक्रेता प्रमोद कुमार ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।