गाजियाबाद। नंदग्राम में 23 नवंबर को दर्ज हुए धर्मांतरण के मामले में बाद अब एक और पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है। इस बार पीड़ित ने आरोपी सरफराज के साथ उसके पिता के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि सरफराज और उसके पिता सात साल से उनके व उनकी पत्नी के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे और जाल में फंसाकर मूर्ति पूजन करने से भी रोका।
मधुबन बापूधाम क्षेत्र के गांव मोरटा निवासी एक व्यक्ति का कहना है कि गांव का ही सरफराज झाड़-फूंक से इलाज करने की बात कहता था। उनकी पत्नी काफी समय से बीमार चल रही थीं तो वह भी उसके पास गए। जहां उसने इलाज करने और ठीक करने का आश्वासन दिया। धीरे-धीरे उसने उन्हें घर में मूर्ति पूजन करने मना करना शुरू कर दिया और मूर्तियां हटवाकर उसके अनुसार पूजा-पाठ कराया। इसके लिए उसने डर दिखाया कि अगर ऐसा नहीं किया तो उसकी पत्नी ठीक नहीं होगी। विश्वास करके उन्होंने उसके कहे अनुसार किया। सात साल तक वह और उसका पिता उनसे ऐसे ही कराता रहा। इसी बीच उसने उनसे 50 हजार रुपये भी ले लिए। मामले में उसके फर्जीवाड़े के बारे मेंं जानकारी होने पर उन्होंने भी मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह का कहना है कि मामले में आरोपी सरफराज को गिरफ्तार किया जा चुका है। आगे की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।