गाजियाबाद। डीएम सर्किल रेट के हिसाब से संपत्ति कर बढ़ाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। रविवार को रईसपुर गांव में महापंचायत के दौरान नगर निगम के फैसले से नाराज लोगों ने जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। महापंचायत में 20 से ज्यादा पूर्व और मौजूदा पार्षद मौजूद रहे। इस दौरान ऐलान किया गया कि 15 फरवरी तक बढ़े संपत्ति कर का आदेश वापस नहीं लिया गया तो नगर आयुक्त के आवास का घेराव किया जाएगा। साथ ही, नगर निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
महापंचायत का नेतृत्व करते हुए पूर्व पार्षद मनोज चौधरी ने कहा कि जो संपत्ति कर मौजूदा समय में दो हजार रुपये हैं, डीएम सर्किल रेट के हिसाब से लागू होने पर आठ हजार रुपये हो जाएगा। नगर आयुक्त जनता को गुमराह कर रहे हैं। सदन से बिना पास हुआ प्रस्ताव आखिर लागू कैसे किया जा सकता है। सदन के पटल पर प्रस्ताव नहीं रखा जाना जनता के साथ धोखाधड़ी है। सदन को विश्वास में लिए बिना एक अप्रैल से बढ़ा संपत्ति कर किसी भी हालत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। नगर निगम की आय बढ़ाने के नाम पर आम जनता पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ने देंगे। 15 तारीख को होने वाली बोर्ड कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव को पास किया गया तो जनआंदोलन की शुरुआत हो जाएगी।
बसपा महानगर अध्यक्ष व पूर्व पार्षद आनंद चौधरी ने कहा कि नगर निगम में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है। सड़क पर रेहड़ी-पटरी वालों तक से वसूली हो रही है। विकास के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है। संपत्ति कर के नाम पर बड़ा घोटाला हो रहा है। निगम के फैसले के खिलाफ सभी वार्डों में बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है। पूर्व पार्षद हिमांशु लव ने कहा कि संपत्ति कर बढ़ाने का शासन से कोई आदेश नहीं है। अगर शासनादेश है तो उसे सदन के पटल पर क्यों नहीं रखा गया। शासनादेश की जानकारी जनता को होनी चाहिए।
राष्ट्रीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष आनंद चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी सदन को दरकिनार कर जनता पर अपने फैसले थोप रहे हैं। इसके विरोध में सभी मौजूदा और पूर्व पार्षदों, जन प्रतिनिधियों को एक होकर आवाज उठानी होगी, अन्यथा अफसरों की मनमानी के कारण ऐसे और भी फैसले लिए जाएंगे।
राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश महासचिव रविंद्र चौहान ने कहा कि किसी भी कीमत पर जनता का अहित नहीं होने देंगे। अखिल भारतीय औद्योगिक एवं व्यापार महासभा के राष्ट्रीय महासचिव विजय कौशिक व प्रदेशाध्यक्ष शुभम गुप्ता ने कहा कि बढ़े संपत्ति कर के विरोध में व्यापारी वर्ग भी सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।
इस दौरान पूर्व पार्षद माया देवी, चेतन यादव, विजय गोयल, विकास खारी, आसिफ चौधरी, पार्षद नरेश जाटव, जाट महासभा के उपाध्यक्ष वीरपाल, सोनवीर चौधरी प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय जाट महासभा, भाकियू संघर्ष के जिलाध्यक्ष संदीप चौधरी, ब्राह्मण महासभा के महानगर अध्यक्ष राकेश शर्मा, अमित चौधरी, सुखविंदर, राकेश शर्मा, अमरपाल बब्बू, नरेंद्र नंबरदार, कृष्ण यादव आदि मौजूद रहे।
अनुभवहीनता का फायदा उठा रहे अफसर
महापंचायत में मौजूदा पार्षदों पर भी कटाक्ष किया गया। वक्ताओं ने कहा कि दो-तीन को छोड़कर शेष नए पार्षदों को नगर निगम एक्ट की जानकारी नहीं है। पार्षद सदन में आवाज नहीं उठा पाते हैं। इनकी अनुभवहीनता का फायदा अफसर उठा रहे हैं। सदन को गुमराह कर मन मुताबिक फैसले थोपे जा रहे हैं।
महापौर पर साधा निशाना
महापंचायत में महापौर पर जमकर निशाना साधा गया। पूर्व पार्षद आनंद चौधरी ने कहा कि संपत्ति कर के मामले में पार्षदों को विरोध तक करने से रोक दिया है। सत्तापक्ष के अधिकांश पार्षद इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। महापौर को खुद जनता के बीच आकर समस्या का समाधान करना चाहिए था। अगर संपत्ति कर बढ़ाया गया तो यह जनता के साथ धोखा होगा।
महापौर सुनीता दयाल का कहना है कि उनकी तरफ से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि संपत्ति कर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। इस मामले को आगामी बोर्ड कार्यकारिणी की बैठक में भी रखा गया है।
संपत्ति दर की नई दरें
नई दरें क्या होंगी (प्रति वर्गफुट में)
12 मी. से कम चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 3.50 रुपये तक
श्रेणी बी में 3 .00 रुपये तक
श्रेणी सी में 2.50 रुपये तक
12 से 24 मी. चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 3.75 रुपये तक
श्रेणी बी में 3.25 रुपये तक
श्रेणी सी में 2.75 रुपये तक
24 मी. से अधिक चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 4.00 रुपये तक
श्रेणी बी में 3.50 रुपये तक
श्रेणी सी में 3.00 रुपये तक