फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad: हरिद्वार से गंगाजल लेकर बुर्के में पहुंचीं अनीसा-तमन्ना, फूलों से स्वागत, महादेव से मांगी ये मन्नत

Sun, 09 Aug 2026 05:55 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादनगर

सार

गाजियाबाद में सांप्रदायिक सौहार्द और अटूट आस्था की अनूठी तस्वीर रविवार को मुरादनगर में देखने को मिली। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर बुर्का पहने मुस्लिम महिलाएं कांवड़ यात्रा के साथ मुरादनगर पहुंचीं।
विज्ञापन
गंगाजल लेकर बुर्के में पहुंचीं अनीसा-तमन्ना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांवड़ यात्रा के बीच रविवार को दिल्ली निवासी दो मुस्लिम महिलाओं की कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी रही। दिल्ली निवासी अनीशा और उनकी सहेली तमन्ना हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ के साथ रविवार को मुरादनगर पहुंचीं। उनका कहना है कि भगवान शिव में उनकी आस्था है और वह अपनी मनोकामना पूरी होने की उम्मीद में गंगाजल लेकर आ रही हैं। दोनों गाजियाबाद स्थित डासना धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।

विज्ञापन


अनीशा मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी शादी राजस्थान में हुई थी। अनीशा के मुताबिक, उनके वैवाहिक जीवन में तीन तलाक और निकाह-हलाला से जुड़ा विवाद सामने आया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटा और बेटी फिलहाल राजस्थान में उनके पति के पास हैं। बच्चों को वापस पाने और चल रहे मामले में सफलता मिलने की मनोकामना लेकर उन्होंने कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रही हैं।

 

सहेली के साथ तमन्ना भी गंगाजल लेकर चलीं

विज्ञापन

अनीशा के साथ उनकी सहेली तमन्ना भी गंगाजल लेकर चल रही हैं। संभल की मूल निवासी तमन्ना वर्तमान में दिल्ली में रहती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी सहेली अनीशा का सहयोग करने के लिए उनके साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं। तमन्ना के मुताबिक, यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है। इससे पहले भी वह कांवड़ लेकर आ चुकी हैं।

भगवा पटका पहनकर कांवड़ लेकर चलती दिखीं
दोनों महिलाओं के कांवड़ लेकर यात्रा करने के वीडियो सामने आने के बाद यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो में दोनों महिलाएं भगवा पटका पहने कांवड़ लेकर जाती दिखाई दे रही हैं। दोनों का कहना है कि आस्था और श्रद्धा को किसी एक धर्म की सीमा में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए।

बच्चों को पाने के लिए भगवान शिव की शरण में
अनीशा ने बताया कि वह अपने बच्चों को वापस पाने की आस और अपने मामले में न्याय की उम्मीद लेकर भगवान शिव की शरण में आई हैं। उन्होंने कहा कि इसी मनोकामना के साथ उन्होंने कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया था। वह यात्रा पूरी कर डासना धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
विज्ञापन


सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान मिलता है : तमन्ना
तमन्ना ने कहा कि उन्हें सनातन संस्कृति और भगवान शिव में गहरी आस्था है। उनका कहना है कि सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिए जाते हैं। वह अपनी सहेली के साथ पूरी श्रद्धा से कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की है कि अनीशा को जल्द न्याय मिले और उनके बच्चे उन्हें वापस मिलें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें