साहिबाबाद। आए दिन हो रही आग की घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे। इंदिरापुरम के अभयखंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में 28 अप्रैल को आग लगी थी। उसके लिए जांच समिति गठित की गई। इसमें जीडीए, प्रशासन और दमकल की संयुक्त टीम ने सोसायटी का निरीक्षण किया। इसमें खामियां भी मिली। जांच रिपोर्ट में यह बात भी स्पष्ट हो गई कि आग बुझाने में स्वीमिंग पूल की दीवार बाधक बनी और अवैध भी है। बावजूद अभी तक जीडीए या प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। वहीं, दमकल टीम अभी तक आरडब्ल्यूए की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
आलम यह है कि हादसे के एक माह बाद तक भी आग से प्रभावित परिवार किराये या फिर रिश्तेदारों के घर पर रहने को मजबूर हैं। सोसायटी में नौंवी मंजिल के जिस फ्लैट से आग लगी उसके मालिक मितेश पालीवाल का कहना है कि जिम्मेदार मौन बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह शिप्रा सृष्टि के 15वीं मंजिल पर आग को एक घंटे में बुझा दिया गया, जबकि उनकी सोसायटी में नौंवी मंजिल पर आग लगी को दमकल टीम समय से नहीं बुझा सकी। जिम्मेदारों के खिलाफ कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही। वहीं, 11वीं मंजिल के निवासी रजनीश राघवा का कहना है कि प्रशासन ने बोर्ड बैठक के लिए अपनी फोर्स तो भेज दी, लेकिन एक माह बाद भी आग के जिम्मेदार को नहीं खोज सकी है। उन्होंने बताया कि वह इस पूरे मामले में जिलाधिकारी, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख चुके हैं लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
जांच समिति की रिपोर्ट में यह बातें हुई थी शामिल
सोसायटी के अग्निशमन उपकरण दुरुस्त करने, परिसर में बने स्वीमिंग पूल व दीवार को तोड़ने जैसे तमाम बातें शामिल थीं। अवैध निर्माण तोड़ने की जिम्मेदारी जीडीए की थी, लेकिन अभी तक हटाया नहीं गया। वहीं, सोसायटी में होने वाले स्ट्रक्चर ऑडिट की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। हालांकि अग्निशमन सिस्टम दुरुस्त करने का काम चल रहा है। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि काम पूरा होने के बाद सोसायटी आरडब्ल्यूए लिखित में इसकी जानकारी विभाग को देगी। इसके बाद निरीक्षण किया जाएगा।
आईआईटी रुड़की से ऑडिट कराने का कोटेशन हुआ फाइनल
आरडब्ल्यूए के स्तर से आईआईटी रुड़की से स्ट्रक्चर ऑडिट कराया जाना तय हो चुका है। एओए सदस्य प्रशांत कपूर ने बताया कि कोटेशन भरा जा चुका है। आरडब्ल्यूए ने इमारत के बाहर की ओर मरम्मत कराना शुरू कर दिया है। फ्लैट जलने से प्रभावित प्रशांत कपूर का कहना है कि आरडब्ल्यूए और सोसायटी निवासियों ने काफी मदद की है, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कदम नहीं उठाया है।