गाजियाबाद। ‘साहब! कलक्ट्रेट का एक कर्मचारी जालसाजी कर किसानों के मुआवजे की रकम में से 10 प्रतिशत की मांग कर रहा है, साथ ही उसने अधिग्रहीत की गई जमीन पहले ही अपने रिश्तेदारों के नाम खरीद ली थी, जिससे वह काली कमाई का कुबेर बन गया है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।’
यह आरोप हैं डासना कल्लूगढ़ी केकिसान लियाकत और अन्य लोगों के, जिन्होंने डीएम और एसएसपी से इस संबंध में शिकायत की है। एसएसपी ने एसपी क्राइम को मामले की जांच सौंपी है।
किसानों का आरोप है कि कलक्ट्रेट के एक कर्मचारी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस योजना में अधिग्रहीत विभिन्न गांवों की जमीन के मुआवजे की काफी रकम अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर कर दी है।
वह किसानों से मुआवजे की रकम में से 10 प्रतिशत की मांग करता है। इतना ही नहीं, नाहल गांव की अधिग्रहीत की गई कुछ जमीन उसने पहले ही खरीदकर अपने रिश्तेदारों के नाम कर दी थी, जिसका उसने मुआवजा उठा लिया है।
यह सब उसने जालसाजी कर किया है। जांच में इससे पर्दा उठा जाएगा। इस संबंध में एसपी (क्राइम) और एडीएम (भूमि अर्जन) का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।