गाजियाबाद। नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे ट्रेन से कटकर सुभाषचंद्र (63) की मौत हो गई। उनके बेटे अतुल का आरोप है कि उनके पिता घायलावस्था में तड़पते रहे, 10:35 बजे कॉल करने के बावजूद ढाई घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इतना ही नहीं उन्होंने पिता का शव ट्रैक से उठाकर खुद ही ऊपर रखा। आरोप है कि सुभाषचंद्र को किसी ने धक्का दिया है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।
सहारनपुर के गागलहेड़ी के कैलाशपुर गांव निवासी सुभाषचंद्र गांव में किराना की दुकान चलाते थे। उनके बेटे अतुल गाजियाबाद की राजनगर एक्सटेंशन सोसायटी में रहते हैं और नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते हैं। अतुल ने बताया कि उनके पिता सुभाष अहोई अष्टमी पर उनसे मिलने के लिए आए थे। वह उनको लेने के लिए नए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि उनके पिता की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। उन्होंने करीब साढ़े दस बजे इसकी सूचना एंबुलेंस व पुलिस को सूचना दे दी थी। जीआरपी के उपनिरीक्षक 12 बजे पंचनामा भरने पहुंचे। अतुल ने बताया कि उनके पिता को किसी ने सोची समझी योजना के तहत धक्का दिया है। जीआरपी निरीक्षक अनुज मलिक ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि बुजुर्ग ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच में आने से हादसे का शिकार हो गए। आरोपों की जांच की जा रही है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि सूचना के पांच से 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती है। एंबुलेंस घटना स्थल पर क्यों नहीं पहुंची। इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।