तहसील दिवस में सोमवार को अंबेडकर झील बनवाने का मुद्दा छाया रहा। रालोद और भाकियू ने गन्ना भुगतान और अन्य मांगें रखीं। तहसील दिवस में आईं कुल 44 शिकायतों में से अफसर सिर्फ तीन का ही मौके पर निस्तारण कर सके।
मोहल्ला जगतपुरी के सैकड़ों लोग मंगलवार को पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। उन्होंने डीएम विमल कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
लोगों ने उन्हें बताया कि बेगमाबाद बुदाना की जगतपुरी कालोनी में एलएलसी की भूमि पर अंबेडकर झील और पार्क बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। गत 20 अप्रैल 2013 को तत्कालीन ईओ ने झील की आधार शिला भी रखी थी, लेकिन पालिका प्रशासन उस स्थान पर अब सीवर प्लांट लगाने के प्रयास में है। यदि बस्ती के पास सीवर प्लांट लगेगा तो झील के आसपास बसी चालीस हजार की आबादी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने डीएम से सीवर प्लांट रुकवाने और अंबेडकर झील का निर्माण शुरू करवाने की मांग की है। डीएम ने एसडीएम अतुल कुमार से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। प्रदर्शन में दर्शन नेहरा, सुनील कुमार, सतीश उपाध्याय, सतीश, पवन, बोबी कश्यप और मनीराम सिंह आदि शामिल रहे।
उधर, रालोद और भाकियू नेताओं तहसील दिवस में मोदी शुगर मिल से किसानों का गन्ना भुगतान, रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने और ग्रामीण अंचल में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति की मांग की। ज्ञापन देने वालों में सतेंद्र तोमर, बिट्टू खंजरपुर, अरुण दहिया, रामभरोसे लाल मौर्य और श्यामवीर सिंह आदि मौजूद रहे। तहसील दिवस पर कुल 44 शिकायतें आईं, जिनमें मात्र तीन शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हुआ। इसके अलावा डीएम ने तहसील दिवस पर अनुपस्थित रहने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।