माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण ने कई लोगों का रोजगार लगभग छीन लिया है, ये वो लोग हैं जिनके घर की रसोई दिहाड़ी मजदूरी पर ही चलती है। इसके अलावा अन्य असहाय लोगों को भी कोरोना ने दो वक्त की रोटी का मोहताज कर दिया है।
अमर उजाला फाउंडेशन के साथ कुछ संस्थाएं और लोग मिलकर ऐसे हर हाथ का साथ बन रहे हैं और लोगों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने 400 पैकेट, समाजसेवी शालू पांडेय की संस्था पगडंड़ियां ने 150 पैकेट भोजन और समाजसेवी वैभव त्यागी ने जरूरतमंदों की मदद की।
प्रतिदिन तैयार हो रहा है अलग-अलग भोजन:
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल प्रतिदिन साढ़े तीन सौ से चार सौ पैकेट घंटाघर कोतवाली और सिहानी गेट पुलिस को दिए जा रहे हैं। सभी दिन अलग-अलग भोजन तैयार कराया जा रहा है, जो संकट की इस घड़ी में लोगों, फंसे हुए श्रमिकों तक पहुंच रहा है। इसके अलावा नयागंज स्थित प्रतिष्ठान से भी 60 से 70 लोगों को रोजाना भोजन वितरित किया जा रहा है। अध्यक्ष संदीप बंसल ने बताया कि पिछले सप्ताह भर से इस कवायद को शुरू किया गया है। आगे भी 15 दिन तक जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाएगा।
सोसायटी के साथ पगडंडियां संस्था ने शुरू किया सफर
पगडंडियां संस्था गोविंदपुरम स्थित गौर होम्स सोसायटी में से 150 पैकेट खाने के एकत्रित करती है, जिसे संस्था की अध्यक्ष शालू पांडेय लोगों में वितरित करती हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखती हैं और सुरक्षा उपायों के प्रति लोगों को जागरूक भी करती हैं। उन्होंने बताया कि गोविंदपुरम और बाहर रोड पर जीवन यापन कर रहे लोगों को भोजन वितरित किया जाता है। इसमें सोसायटी के कई घर भी मदद कर रहे हैं और भोजन बनाकर भेज रहे हैं। फंसे लोगों को देखकर बढ़ाए हाथ : समाजसेवी वैभव त्यागी गुलधर गांव में जरूरतमंद लोगों को बिस्कुट आदि वितरित किए जा रहे हैं। वैभव त्यागी का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से ही ये कवायद गांव और आसपास के क्षेत्रों में शुरू की गई है। जब आसपास देखा कि रोजाना की दिहाड़ी से घर चलाने वालों को खाने की वस्तुएं नहीं मिल पा रही हैं, इसके बाद सहायता शुरू की। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन वह बाजार से जरूरी वस्तुओं को खरीदकर लोगों को वितरित करते हैं।