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UP: गाजियाबाद की इस पॉश सोसायटी में पानी के सभी 16 नमूने फेल, गंदगी और काई के साथ मिले खतरनाक बैक्टीरिया

Tue, 13 May 2025 09:58 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

सोसायटी में पानी के ओवरहैड टैंक में गंदगी, काई और बैक्टीरिया मिला था। इसके पहले पांच में से तीन नमूने फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने सोसायटी में अलग-अलग स्थानों से 16 नए नमूने लिए थे।
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water demo - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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गाजियाबाद शहर की पॉश कॉलोनियों में गिनी जाने वाली सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड सोसायटी में सप्लाई हो रहे पानी के सभी 16 नमूने स्वास्थ्य विभाग की जांच में फेल पाए गए हैं। इसके पहले भी तीन नमूने फेल हो चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक सोसायटी में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पानी के नमूने फेल (असंतोष जनक) होने पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन और आवास विकास परिषद को पानी की रिपोर्ट भेज दी है।

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जन स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि सोसायटी में पानी के ओवरहैड टैंक में गंदगी, काई और बैक्टीरिया मिला था। इसके पहले पांच में से तीन नमूने फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने सोसायटी में अलग-अलग स्थानों से 16 नए नमूने लिए थे। उन्होंने बताया कि जांच में सोसायटी के ओवरहेड टैंक खुले पाए गए हैं। इनमें गंदगी भरी थी, पानी में काई भी जमी थी। खुले ढक्कनों के चलते बारिश, धूल और प्रदूषण जमा हो रहा था। सोसायटी में रहने वाले कई लोगों को बीते दिनों पेट दर्द, उल्टी और त्वचा की एलर्जी की परेशानी हुई थी। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सोसायटी के लोगों को सलाह दी गई है कि पानी उबालकर पीएं। टैंक सिस्टम की साफ-सफाई रिपोर्ट भी तलब की है।

पांच महीने में 78 नमूनों में 65 फेल
स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से अब तक शहर की आठ प्रमुख सोसायटियों से कुल 78 पानी के नमूने लेकर जांच किया था। इनमें से महज 13 ही जांच में पास हुए थे। शेष 65 नमूनों में गंदगी, काई और बैक्टीरिया पाया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे पानी का नियमित सेवन करने से लोगों के पेट और आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

दूषित पानी से ये बीमारियां फैलती हैं
फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष डॉ. रमन कुमार का कहना है कि दूषित पानी पीने से सबसे ज्यादा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। इससे डायरिया, हैजा, टाइफाइड, पीलिया और पेचिश जैसी बीमारियां हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में यह पानी जानलेवा भी साबित हो सकता है। गंदगी और बैक्टीरिया युक्त पानी में ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो आंतों को संक्रमित कर सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से किडनी और लिवर पर भी असर पड़ता है।
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दूषित पानी से बचाव के उपाय
पानी को उबालकर पीएं
आरओ या यूवी फिल्टर का प्रयोग करें
टंकी की नियमित सफाई करवाएं
पानी में गंध या रंगत बदली हुई लगे तो प्रयोग बंद कर दें
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