शुक्र का तारा अस्त होने के बाद हालांकि दो र्मई से शादियों पर ब्रेक लग गया है लेकिन सोमवार को अक्षय तृतीया के अबुझ साये पर शादियों की धूम रहेगी। नौ मई को अक्षय तृतीया है और इस दिन को अबुझ साया माना जाता है।
अक्षय तृतीया शादियों के साथ-साथ सामानों और सोने की खरीदारी के लिए भी शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया के लिए मैरेज हॉल और बैक्वेंट हॉल की एडवांस बुकिंग हो चुकी है इसके साथ ही बाजारों में खरीदारी का अंतिम दौर चल रहा है।
-- बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग:
इस बार अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सुबह 5.39 से रात्रि 12.08 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग है। ज्योतिषाचार्य दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि सुबह 7.51 से कर्क लग्न है इस लग्न में चांदी खरीदनी शुभ होता है।
इसके अलावा दोपहर 12.24 से दोपहर 2.42 सिंह लग्न रहेगा। सिंह लग्न में तांबे की खरीदारी शुभ होती है।
- सोने की खरीद से ज्यादा दान का महत्व:
अक्षय तृतीया के दिन व्रत और दान का महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इसी दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है और इसी दिन त्रेता युग का आरंभ भी हुआ था। इस दिन स्नान करके जप, तप होम और दान करने से अक्षय पुण्य फल मिलता है।
- पंचांग में नहीं है शादियों के मुहूर्त:
इस बार कई वर्षों के बाद अक्षय तृतीया पर शादियों का मुहूर्त नहीं बन रहा है। पंचांगों में भी शादियों का मुहूर्त नहीं है। क्योंकि शुक्र का तारा अस्त होने से और सिंहस्थ कुंभ के कारण इस बार का मुहूर्त उतना शुभ नहीं माना जा रहा है। पंडितों का कहना है कि हालांकि अक्षय तृतीया अबुझ साया होता है जिसमें किसी अन्य दोष का विचार नहीं होता इसलिए इस दिन शादियां होंगी।